Up kiran,Digital Desk : यह एक ऐसी खबर है जो हर भारतीय को गर्व महसूस कराएगी। HIV और एड्स जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ भारत ने एक बहुत बड़ी लड़ाई जीती है। सरकार की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 15 सालों में HIV के नए मामलों में 48% की भारी कमी आई है, और एड्स से होने वाली मौतों का आंकड़ा तो 81% तक घट गया है। यह कामयाबी इसलिए भी खास है, क्योंकि दुनिया के बाकी देश भी इतनी तेजी से यह नहीं कर पाए हैं।
आंकड़े खुद बयां कर रहे हैं कहानी
विश्व एड्स दिवस के मौके पर जारी हुई इस रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत ने इस बीमारी को रोकने के लिए जांच, इलाज और जागरूकता, हर मोर्चे पर शानदार काम किया है।
कम हो रहे हैं नए मरीज: जहां दुनियाभर में HIV के नए मामलों में 40% की गिरावट आई है, वहीं भारत ने 48% की कमी लाकर दुनिया को पीछे छोड़ दिया है।
बच रही हैं जानें: एड्स से होने वाली मौतों को रोकने में तो भारत की कामयाबी लाजवाब है। वैश्विक स्तर पर जहाँ मौतों में 54% की कमी आई, वहीं भारत ने 81% की गिरावट दर्ज की है।
यह सब मुमकिन कैसे हुआ?
- ज्यादा जांच, जल्दी इलाज: अब पहले से कहीं ज्यादा लोग अपनी जांच करा रहे हैं। 2020-21 में जहाँ 4 करोड़ जांच हुई थीं, वहीं अब यह आंकड़ा लगभग 7 करोड़ तक पहुँच गया है।
- बेहतर इलाज की सुविधा: जो लोग HIV के साथ जी रहे हैं, उन्हें अब बेहतर इलाज मिल रहा है। इलाज की सबसे असरदार दवा (ART) लेने वालों की संख्या 15 लाख से बढ़कर 19 लाख से ज्यादा हो गई है। साथ ही, यह पता लगाने के लिए कि दवा ठीक से काम कर रही है या नहीं, होने वाली 'वायरल लोड टेस्टिंग' भी लगभग दोगुनी हो गई है।
- माँ से बच्चे को नहीं हो रहा संक्रमण: सबसे बड़ी कामयाबी में से एक यह भी है कि माँ से बच्चे में HIV फैलने की दर में 74% की कमी आई है, जो कि वैश्विक औसत से कहीं बेहतर है।
इस जीत के हीरो कौन हैं?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का मानना है कि इस सफलता के पीछे सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति, सही समय पर लिए गए फैसले और जमीनी स्तर पर काम करने वाली सामुदायिक संस्थाओं का बहुत बड़ा हाथ है। इन सभी ने मिलकर यह कमाल कर दिखाया है। भारत अब उस लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जहां आने वाले कुछ सालों में एड्स एक जन स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा नहीं रहेगा। यह वाकई एक नई उम्मीद जगाने वाली खबर है।




