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अम्बेडकर नगर जनपद के खजुरी ग्राम में आयोजित ग्राम चौपाल कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने सहभागिता की। 

मंच पर उप मंत्री जी का सम्बोधन बिन्दु- 

  • मा. प्रधानमंत्री जी ने 4 करोड गरीबों के पास पक्का घर दिया, 3 करोड और बनाने जा रहे है।
  • 6 करोड दीदी लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य, प्रधानमंत्री जी। 
  • प्रदेश में 3 करोड लखपति दीदीयॉ बनाने का लक्ष्य को पूरा किया जाएगा।
  • प्रदेश भी दीदीयों को लखपति बनाने में अग्रणी राज्य की भूमिका निभाएगा।
  • अधिकारियों को निर्देश की आवश्यकताओं की सामग्री की खरीद समूह की दीदीयों के माध्यम से की जाए।
  • वृद्धा पेंशन पूर्व में 300 रूपये पेंशन थी 1 अपै्रल से 1500 रूपये मिलेगी। पीएम सूर्यघर योजना से भारी संख्या में सरकार सब्सिडी दे रही है।
  • विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित अंबेडकरनगर का मतलब है कि गरीब को अमीर बनाना है।
  • युवाओं से आवाहन रोजगार पाने वाले नहीं रोजगार देने वाले बनें।

इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकासपरक प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। 

उप मुखमंत्री जी ने अधिकारियों को आदेश दिया की प्रत्येक शुक्रवार को ग्राम चौपाल का आयोजन होगा, जिसकी सूचना ग्रामीणों को 'डुगडुगी' बजवाकर दी जाएगी। इन कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों के साथ सामंजस्य स्थापित कर जनता को सरकारी योजनाओं की सीधी जानकारी दी जाएगी।

उप मुख्यमंत्री जी ने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित अन्नप्राशन संस्कार में सहभागिता करते हुए नन्हे बच्चों को अन्न ग्रहण कराया और माताओं को संतुलित पोषण के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित महिलाओं एवं अभिभावकों से संवाद करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार कुपोषण मुक्त उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस क्रम में उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से वितरित किए जा रहे पोषाहार का वितरण भी किया और लाभार्थियों से फीडबैक प्राप्त किया।

कार्यक्रम के दौरान श्री मौर्य जी ने बीसी सखियों के पंडाल का भी भ्रमण किया और उनसे ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं की उपलब्धता, डिजिटल लेन-देन तथा महिला सशक्तिकरण के प्रयासों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बीसी सखियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।