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Up Kiran, Digital Desk: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ जैसे-जैसे तेज हो रही है, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर और भी आक्रामक होते जा रहे हैं। उन्होंने अपनी रैलियों में हो रही तकनीकी गड़बड़ियों को महज एक संयोग मानने से इनकार करते हुए, इसे अपने खिलाफ एक "गहरी साजिश" और "जानबूझकर किए जा रहे sabotaget" का हिस्सा बताया है। ट्रंप ने दावा किया है कि "कट्टर वामपंथी डेमोक्रेट्स" उन्हें चुप कराने और राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर करने के लिए हर हथकंडा अपना रहे हैं, जिसमें अजीबोगरीब और खतरनाक साजिशें भी शामिल हैं।

टेलीप्रॉम्प्टर बंद, माइक खराब और 'रहस्यमयी' एस्केलेटर

अपनी हालिया रैलियों में, ट्रंप ने कई घटनाओं का जिक्र करते हुए अपने दुश्मनों पर निशाना साधा है:

खराब टेलीप्रॉम्प्टर: एक रैली के दौरान तेज हवा में जब उनका टेलीप्रॉम्प्टर बंद हो गया, तो ट्रंप ने इसे हवा की गलती नहीं, बल्कि एक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि इसे जानबूझकर बंद कर दिया गया ताकि वह भाषण न दे पाएं।

बंद एस्केलेटर: एक अन्य कार्यक्रम में, जब उन्हें मंच पर ले जाने वाला एस्केलेटर "रहस्यमय तरीके से" काम नहीं कर रहा था, तो उन्होंने इसे भी अपने खिलाफ एक सुनियोजित चाल बताया।

म्यूट माइक: ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया है कि कई बार उनके माइक्रोफोन के साथ छेड़छाड़ की जाती है, उसकी आवाज कम कर दी जाती है या उसे म्यूट कर दिया जाता है ताकि उनके समर्थक उन्हें सुन न सकें।

सबसे अजीबोगरीब दावा: "शार्क से हमला करवा सकते हैं"

अपने इन आरोपों को एक कदम और आगे ले जाते हुए ट्रंप ने एक बेहद अजीब और चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने एक काल्पनिक परिदृश्य का वर्णन करते हुए कहा कि अगर वह कभी बैटरी से चलने वाली नाव में हों और वह डूबने लगे, तो उनके दुश्मन यह सुनिश्चित करेंगे कि आसपास शार्क मौजूद हों जो उन पर हमला कर दें। उन्होंने मजाकिया लेकिन गंभीर लहजे में कहा, "वे मेरे खिलाफ कुछ भी कर सकते हैं।"

क्या है इन आरोपों के पीछे की रणनीति?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप इन घटनाओं, चाहे वे वास्तविक साजिश हों या महज तकनीकी खामियां, का उपयोग अपने पक्ष में एक नैरेटिव बनाने के लिए कर रहे हैं। इस रणनीति के कुछ मुख्य पहलू हैं:

'विक्टिम कार्ड': वह खुद को एक ऐसे "शिकार" के रूप में पेश कर रहे हैं, जिसके खिलाफ पूरा सिस्टम और उनके राजनीतिक दुश्मन एकजुट हो गए हैं।

समर्थकों को एकजुट करना: यह 'हम बनाम वे' की भावना पैदा करता है, जिससे उनके समर्थक और अधिक मजबूती से उनके साथ जुड़ जाते हैं।

मीडिया का ध्यान आकर्षित करना: उनके ये सनसनीखेज आरोप मीडिया में सुर्खियां बनते हैं, जिससे वह लगातार चर्चा में बने रहते हैं।

चाहे इन दावों में सच्चाई हो या न हो, एक बात तो तय है कि ट्रंप ने इन घटनाओं को अपने चुनावी अभियान का एक अहम हिस्सा बना लिया है और वह इन्हें अपने विरोधियों पर हमला करने के एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।