Up kiran,Digital Desk : पश्चिम एशिया में छिड़ा महायुद्ध अब अपने सबसे खौफनाक दौर में पहुंच गया है। इजरायल और ईरान के बीच सीधे टकराव का आज 25वां दिन है। इजरायली वायुसेना ने बीती रात तेहरान समेत ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर भीषण बमबारी की है। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है और ईरान ने न केवल इजरायल को 'बेरोकटोक' हमले की चेतावनी दी है, बल्कि अमेरिका को भी युद्ध के दलदल में डूबने का अल्टीमेटम दे दिया है।
तेहरान में IRGC के इंटेलिजेंस मुख्यालयों पर सटीक प्रहार
इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया है कि उसने रात भर चले ऑपरेशन में ईरान के भीतर कई महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
प्रमुख ठिकाने: इजरायल के मुताबिक, तेहरान स्थित इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के दो इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर और ईरान के खुफिया मंत्रालय की एक मुख्य इमारत को मिसाइल हमलों से ध्वस्त कर दिया गया है।
बैलिस्टिक मिसाइल सेंटर: इसके अलावा, उन गुप्त ठिकानों पर भी बम बरसाए गए हैं जहां ईरान ने अपनी घातक बैलिस्टिक मिसाइलें तैनात कर रखी थीं।
"इजरायल पर बरसाएंगे आग" - IRGC की खुली चुनौती
इजरायली हमलों के जवाब में ईरान की IRGC ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। IRNA न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि लेबनान और गाजा में आम नागरिकों को निशाना बनाना बंद नहीं किया गया, तो वे उत्तरी इजरायल और गाजा सीमा पर तैनात इजरायली सैनिकों पर 'बेरोकटोक' मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर देंगे। ईरान का आरोप है कि इजरायल युद्ध की आड़ में निर्दोष फलस्तीनियों और लेबनानी नागरिकों का कत्लेआम कर रहा है।
अमेरिका को धमकी: "अरब की खाड़ी बनेगा कब्रगाह"
ईरान ने इस युद्ध में अमेरिका की भूमिका को लेकर भी तीखे तेवर दिखाए हैं। IRGC के वरिष्ठ अधिकारी और 'एक्सपीडिएंसी डिसर्नमेंट काउंसिल' के सदस्य मोहसिन रेजाई ने सीधे वाशिंगटन को चेतावनी दी है।
जहाजों को डुबोने की धमकी: रेजाई ने कहा कि अगर अमेरिका ने ईरान के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर हमला करने की हिमाकत की, तो ईरान अरब की खाड़ी (Persian Gulf) में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों को समुद्र में डुबो देगा।
अंतिम समयसीमा: उन्होंने अमेरिका को आगाह करते हुए कहा कि उसे बचाने की समयसीमा खत्म हो रही है और वह इस युद्ध के दलदल में बुरी तरह फंस चुका है।
लेबनान और फलस्तीन में भी हमले तेज
तेहरान के साथ-साथ इजरायल ने लेबनान और फलस्तीन में भी अपने सैन्य अभियानों की रफ्तार बढ़ा दी है। लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर लगातार मिसाइलें दागी जा रही हैं। जानकारों का मानना है कि यदि ईरान ने अपनी 'बेरोकटोक' हमले की धमकी को हकीकत में बदला, तो यह क्षेत्रीय संघर्ष तीसरे विश्व युद्ध की आहट भी दे सकता है।




