Up kiran,Digital Desk : ईरान पर हाल के अमेरिकी और इजरायली हमलों ने तेहरान के सत्ता गलियारों में बड़ी हलचल पैदा कर दी है। कई शीर्ष कमांडरों के खोने के बाद, अब दुनिया की नजरें उन 'शक्तिशाली चेहरों' पर हैं जो न केवल देश की सुरक्षा दीवार बने हुए हैं, बल्कि भविष्य की जवाबी रणनीति भी तैयार कर रहे हैं। आइए जानते हैं ईरान के उन 8 सबसे प्रभावशाली नेताओं और सैन्य अधिकारियों के बारे में, जिनके कंधों पर इस वक्त पूरे देश का दारोमदार है।
1. अहमद वाहिदी (रिवोल्यूशनरी गार्ड्स - IRGC प्रमुख)
अहमद वाहिदी वर्तमान में ईरान की सुरक्षा के सबसे बड़े स्तंभ हैं। दो पूर्ववर्तियों की मौत के बाद उन्हें IRGC की कमान सौंपी गई। वे न केवल पूर्व रक्षा मंत्री रहे हैं, बल्कि कुद्स फोर्स का नेतृत्व भी कर चुके हैं। दशकों का युद्ध अनुभव उन्हें एक मंझा हुआ रणनीतिकार बनाता है।
2. इस्माइल कानी (कुद्स फोर्स प्रमुख)
कासिम सुलेमानी की शहादत के बाद 2020 में इन्होंने कमान संभाली। कानी अपनी 'गोपनीय कार्यशैली' के लिए जाने जाते हैं। पूरे मध्य पूर्व में ईरान के सहयोगी समूहों (Proxies) के साथ तालमेल बिठाने और उन्हें हथियार व रणनीति मुहैया कराने का पूरा जिम्मा इन्हीं के पास है।
3. अलीरेजा तंगसिरी (नेवल हेड - IRGC)
ईरान की समुद्री ताकत का चेहरा तंगसिरी हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की घेराबंदी और वहां अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर नियंत्रण बनाए रखने की पूरी योजना इन्हीं की देखरेख में चलती है। समुद्री युद्ध के वे माहिर खिलाड़ी माने जाते हैं।
4. मोहम्मद बाकिर गालिबाफ (संसद स्पीकर)
गालिबाफ इस समय ईरान के सबसे बड़े राजनीतिक खिलाड़ी हैं। वे पूर्व में तेहरान के मेयर और IRGC कमांडर भी रह चुके हैं। चर्चा है कि वे अमेरिका के साथ 'बैक-चैनल' (पर्दे के पीछे) बातचीत में ईरान का पक्ष मजबूती से रख रहे हैं।
5. अब्बास अरागची (विदेश मंत्री)
ईरान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग होने से बचाने की जिम्मेदारी अरागची पर है। वे एक सुलझे हुए राजनयिक हैं, जिन्होंने रूस, चीन और पश्चिमी देशों के साथ कई जटिल वार्ताओं का नेतृत्व किया है। उनकी कूटनीति ईरान के लिए 'ढाल' का काम कर रही है।
6. सईद जलीली (कट्टरपंथी गुट के नेता)
जलीली अपनी 'नो-कॉम्प्रोमाइज' (समझौता न करने वाली) छवि के लिए प्रसिद्ध हैं। परमाणु वार्ता के दौरान उनकी सख्त रुख ने दुनिया को चौंकाया था। वे सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के पूर्व प्रमुख हैं और ईरान के भीतर कट्टरपंथी धड़े की सबसे मजबूत आवाज हैं।
7. अयातुल्ला गुलामहुसैन मोहसेनी-ईजेई (न्यायपालिका प्रमुख)
ईरान की आंतरिक व्यवस्था और विद्रोहों को कुचलने का जिम्मा ईजेई के पास है। पूर्व इंटेलिजेंस हेड रह चुके ईजेई को कानून और व्यवस्था बनाए रखने के मामले में बेहद सख्त और कट्टरपंथी माना जाता है।
8. अयातुल्ला अलीरेजा अराफी (गार्जियन काउंसिल सदस्य)
धार्मिक और चुनावी मामलों में इनका कद बहुत बड़ा है। वे उस अंतरिम परिषद का हिस्सा हैं जो देश की सर्वोच्च सत्ता चलाने में मदद करती है। कौन चुनाव लड़ सकता है और कौन नहीं, यह तय करने में इनकी भूमिका निर्णायक होती है।
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन: शक्ति या केवल चेहरा?
ईरान के वर्तमान राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन देश के सबसे बड़े निर्वाचित प्रतिनिधि तो हैं, लेकिन उनकी वास्तविक शक्ति पर अक्सर सवाल उठते हैं। हाल ही में जब उन्होंने खाड़ी देशों से माफी मांगने की बात की, तो उन्हें IRGC की भारी नाराजगी झेलनी पड़ी। इससे साफ है कि ईरान में असली ताकत आज भी सुप्रीम लीडर और IRGC के पास ही केंद्रित है।
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