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Up kiran,Digital Desk : मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भीषण जंग के 27वें दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अब तक का सबसे सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर एक के बाद एक कई पोस्ट कर ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य कमर टूट चुकी है और अब उसके पास समझौते के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि ईरान ने समय रहते गंभीरता नहीं दिखाई, तो उसे ऐसे परिणाम भुगतने होंगे जिनसे 'पीछे मुड़ने का कोई रास्ता' नहीं बचेगा।

ट्रंप का दावा: "पर्दे के पीछे भीख मांग रहा है ईरान"

ट्रंप ने अपने पोस्ट में ईरानी वार्ताकारों को 'अजीब' बताते हुए उन पर दोहरा चेहरा अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, "ईरानी वार्ताकार समझौते के लिए गिड़गिड़ा (Begging) रहे हैं, जबकि सार्वजनिक रूप से वे केवल यह दिखावा कर रहे हैं कि वे हमारे प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं। वे जानते हैं कि उनकी सैन्य क्षमता पूरी तरह खत्म हो चुकी है और वापसी की कोई संभावना नहीं है।" ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान को जल्द ही गंभीर होना होगा, वरना स्थिति "सुखद नहीं होगी।"

अमेरिका की 15 शर्तें बनाम ईरान की 5 मांगें

रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने जंग खत्म करने के लिए ईरान के सामने 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव (15-point plan) रखा है। इसमें मुख्य रूप से 5 बड़ी शर्तें शामिल हैं:

परमाणु कार्यक्रम का अंत: ईरान को अपनी यूरेनियम संवर्धन क्षमता और सभी प्रमुख परमाणु केंद्रों (जैसे नतान्ज और फोर्डो) को पूरी तरह नष्ट करना होगा।

मिसाइल प्रोग्राम पर लगाम: ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों की रेंज और संख्या पर सख्त सीमाएं तय की जाएंगी।

प्रॉक्सी वार की समाप्ति: मिडिल ईस्ट में हिजबुल्लाह और अन्य सशस्त्र समूहों को दिए जाने वाले समर्थन को तुरंत बंद करना होगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य: अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए इस समुद्री रास्ते को बिना किसी शर्त के खुला रखना होगा।

Ceasefire: समझौते पर चर्चा के लिए कम से कम एक महीने का पूर्ण युद्धविराम।

जवाब में ईरान की 5 शर्तें: वहीं, ईरान ने इन शर्तों को 'अत्यधिक' बताते हुए खारिज कर दिया है और अपनी ओर से 5 शर्तें रखी हैं, जिनमें हमलों और हत्याओं को रोकना, युद्ध के नुकसान की भरपाई (Reparations) और होर्मुज पर अपना नियंत्रण बनाए रखना शामिल है।

"Unleash Hell": व्हाइट हाउस का 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी'

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने ट्रंप के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि अमेरिकी सेना 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) के तहत अपने लक्ष्यों को हासिल करने के बेहद करीब है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने 'धोखे की राजनीति' बंद नहीं की, तो राष्ट्रपति ट्रंप उन पर "नर्क बरसाने" (Unleash Hell) के लिए तैयार हैं। लेविट ने दावा किया कि पिछले तीन हफ्तों में अमेरिका ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से किसी भी नौसेना का सबसे बड़ा सफाया किया है।

बाजारों और कूटनीति पर असर

ट्रंप के इन बयानों के बाद वैश्विक तेल बाजारों में अस्थिरता देखी जा रही है। जहां एक तरफ पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे देश मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं, वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने फिलहाल किसी भी सीधी बातचीत से इनकार किया है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि ट्रंप का यह दबाव ईरान को वार्ता की मेज पर लाने की एक सोची-समझी रणनीति है।