Up kiran,Digital Desk : केंद्र सरकार के करीब 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) का इंतजार लंबा होता जा रहा है। आमतौर पर मार्च के अंतिम सप्ताह तक होने वाली घोषणा इस बार अप्रैल का दूसरा सप्ताह शुरू होने के बावजूद नहीं हुई है। जून 2016 में 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद यह अब तक की सबसे लंबी देरी है। इस देरी ने कर्मचारियों के मन में 'कोरोना काल' जैसी आशंकाएं पैदा कर दी हैं।
क्या कोरोना काल की तरह फ्रीज हो जाएगा DA?
कर्मचारियों की बेचैनी के पीछे साल 2020 की कड़वी यादें हैं। कोविड महामारी के दौरान सरकार ने 18 महीने (1 जनवरी 2020 से 30 जून 2021 तक) के लिए डीए को 17% पर फ्रीज कर दिया था। उस दौरान सरकार ने वित्तीय संकट का हवाला दिया था और बाद में स्पष्ट कर दिया था कि फ्रीज किए गए समय का एरियर (बकाया) भी नहीं दिया जाएगा।
अब डर क्यों है?
मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों, विशेषकर इजराइल-ईरान संघर्ष और उसके कारण तेल की कीमतों में उछाल से भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले वित्तीय दबाव को देखते हुए सोशल मीडिया पर कयास लग रहे हैं कि क्या सरकार फिर से भत्ते को रोकने का फैसला ले सकती है? हालांकि, वित्त मंत्रालय की ओर से अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है।
इस बार कितनी हो सकती है बढ़ोतरी?
अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के 12 महीनों के औसत आंकड़ों के आधार पर गणना की जाए, तो इस बार डीए में 2% से 3% की वृद्धि की संभावना है:
2% की वृद्धि: मौजूदा 58% से बढ़कर 60% हो सकता है।
3% की वृद्धि: कुछ ट्रेड यूनियनों की मांग के अनुसार यह 61% तक भी जा सकता है।
देरी की असली वजह: 8वां वेतन आयोग या कुछ और?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस देरी का कारण 'वित्तीय संकट' नहीं, बल्कि प्रशासनिक नीतियां हो सकती हैं। Bankbazaar.com के सीईओ आदिल शेट्टी के अनुसार:
8वें वेतन आयोग का ढांचा: 1 जनवरी 2026 से नया वेतन आयोग मानक बन गया है। सरकार संभवतः नए वेतन आयोग के ढांचे और फिटमेंट फैक्टर के समायोजन पर काम कर रही है, जिसकी वजह से डीए घोषणा में देरी हो रही है।
कोई आपातकाल नहीं: शेट्टी का मानना है कि फिलहाल देश में ऐसी कोई आर्थिक आपात स्थिति नहीं है जो कोरोना की तरह भत्ते पर औपचारिक रोक को उचित ठहरा सके।
नीतिगत बदलाव: यह देरी सरकार की नीति में बदलाव का संकेत नहीं है, बल्कि नए वेतन ढांचे (8th Pay Commission) में इसे समाहित करने की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है।
कर्मचारियों पर क्या होगा असर?
भले ही घोषणा में देरी हो रही हो, लेकिन नियम के मुताबिक जब भी घोषणा होगी, इसे 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी माना जाएगा। ऐसे में कर्मचारियों को पिछले महीनों का एरियर एक साथ मिलेगा। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच भत्ते की घोषणा में देरी से उनकी क्रय शक्ति (Purchasing Power) प्रभावित हो रही है।




