Up kiran,Digital Desk : नेपाल की राजनीति में इस समय भूचाल आया हुआ है। 'जेन जी' (Gen Z) आंदोलन के बाद सत्ता में आए युवा प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक जंग छेड़ दी है। इस कड़ी में नेपाल के 5 बार प्रधानमंत्री रहे और नेपाली कांग्रेस के दिग्गज नेता शेर बहादुर देउबा (79) के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। देउबा के साथ उनकी पत्नी और पूर्व विदेश मंत्री आरजू राणा देउबा भी मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के संगीन आरोपों के घेरे में हैं।
जले हुए नोट और फोरेंसिक जांच: क्या है मामला?
देउबा की मुश्किलें 'जेन जी' आंदोलन के दौरान उनके आवास पर हुई एक घटना से शुरू हुईं:
बरामदगी: आंदोलन के दौरान जब प्रदर्शनकारी देउबा के आवास के करीब पहुंचे, तब वहां से भारी मात्रा में जले हुए नोटों के टुकड़े बरामद हुए थे।
फोरेंसिक रिपोर्ट: नेपाल की फोरेंसिक लैब ने अपनी जांच में पुष्टि की है कि बरामद किए गए टुकड़े असली मुद्रा के थे। संदेह है कि गिरफ्तारी के डर से सबूत मिटाने के लिए करोड़ों की नकदी को आग के हवाले किया गया था।
मनी लॉन्ड्रिंग: इसी आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग जांच विभाग ने गहन तफ्तीश शुरू की और देउबा दंपत्ति के खिलाफ वारंट जारी करने की सिफारिश की।
देश से बाहर हैं देउबा, इंटरपोल की तैयारी
वर्तमान में शेर बहादुर देउबा और उनकी पत्नी नेपाल में नहीं हैं।
सिंगापुर में मौजूदगी: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें हाल ही में सिंगापुर में देखा गया था।
इलाज का हवाला: देउबा ने सोशल मीडिया पर सफाई देते हुए कहा कि वह और उनकी पत्नी विदेश में इलाज करा रहे हैं। उन्होंने इन आरोपों को 'राजनीति से प्रेरित प्रोपेगेंडा' बताया है।
इंटरपोल नोटिस: नेपाल पुलिस अब देउबा दंपत्ति को वापस लाने के लिए इंटरपोल (Interpol) के जरिए 'रेड कॉर्नर नोटिस' जारी कराने की तैयारी कर रही है।
[Image Concept: A visual representing the Nepal Supreme Court/Police and a symbolic image of burnt currency notes]
पुराने दिग्गजों पर गिर रही गाज
बालेंद्र शाह (35 वर्षीय रैपर से पीएम बने) की सरकार पुराने राजनीतिक चेहरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। देउबा अकेले नहीं हैं जिन पर कार्रवाई हुई है:
केपी शर्मा ओली: पिछले महीने पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली को भी गिरफ्तार किया गया था।
रमेश लेखक: पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक भी पुलिस की गिरफ्त में हैं।
आरोप: इन सभी पर भ्रष्टाचार के अलावा 'जेन जी' आंदोलन को हिंसक तरीके से कुचलने के आरोप भी दर्ज हैं।
देउबा का पक्ष: "मेरी जिंदगी खुली किताब है"
79 साल के देउबा ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन किया है। उन्होंने दावा किया कि उनकी संपत्तियों के बारे में गलत जानकारी फैलाकर उनकी छवि खराब की जा रही है। बता दें कि इसी साल जनवरी में नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल समाप्त हुआ था।




