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Up kiran,Digital Desk : फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने एक बार फिर मुख्यधारा के सिनेमा और राजनीतिक विषयों पर खुलकर अपनी बात रखी है। ‘ब्लैक फ्राइडे’ और ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ जैसी बेबाक फिल्में देने वाले अनुराग कश्यप का मानना है कि मौजूदा दौर में इस तरह की राजनीतिक और संवेदनशील विषयों पर फिल्में बनाना बेहद मुश्किल हो गया है। बंगलूरू में आयोजित एक इवेंट के दौरान उन्होंने सिनेमा, राजनीति और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर विस्तार से चर्चा की।

राजनीतिक माहौल में फिल्म बनाना बड़ी चुनौती
बंगलूरू इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के ‘फियरलेस फिल्ममेकिंग’ सत्र में बोलते हुए अनुराग कश्यप ने कहा कि आज के समय में कई विषय ऐसे हो गए हैं, जो राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे सब्जेक्ट्स पर फिल्म बनाते ही विवाद शुरू हो जाते हैं। उन्होंने साफ कहा कि आज के दौर में ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ या ‘ब्लैक फ्राइडे’ जैसी फिल्में बनाना लगभग नामुमकिन हो गया है।

फ्री स्पीच की जिम्मेदारी पर दिया जोर
अनुराग कश्यप का मानना है कि फिल्ममेकर्स की जिम्मेदारी है कि वे अभिव्यक्ति की आज़ादी को जिंदा रखें। उन्होंने कहा कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को आईना दिखाने का माध्यम भी है। हालांकि, मौजूदा हालात में फिल्मकारों को कई स्तरों पर दबाव और सेंसरशिप का सामना करना पड़ता है, जिससे रचनात्मक आज़ादी सीमित हो जाती है।

हिटलर का उदाहरण देकर कही बड़ी बात
मेनस्ट्रीम सिनेमा में राजनीतिक फिल्मों की कमी पर सवाल किए जाने पर अनुराग कश्यप ने नाजी जर्मनी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जर्मनी में हिटलर के खिलाफ फिल्में उसकी मौत के बाद ही बनीं। उनके मुताबिक, हर समाज और हर दौर का अपना एक समय होता है, जब कुछ विषयों पर खुलकर बात हो पाती है।

दूसरे देशों के फिल्मकारों से सीखने की सलाह
अनुराग कश्यप ने यह भी कहा कि ईरान और रूस जैसे देशों में, जहां पाबंदियां भारत से कहीं ज्यादा हैं, वहां के निर्देशक फिर भी साहसी और असरदार फिल्में बना रहे हैं। उन्होंने भारतीय फिल्ममेकर्स को उनसे प्रेरणा लेने की सलाह दी और कहा कि सीमाओं के बावजूद सिनेमा के जरिए अपनी बात कहने के रास्ते तलाशे जा सकते हैं।

वर्क फ्रंट पर अनुराग कश्यप
काम की बात करें तो अनुराग कश्यप की पिछली फिल्म ‘निशांची’ दो हिस्सों में रिलीज हुई थी। पहला पार्ट सिनेमाघरों में आया, जबकि दूसरा हिस्सा ओटीटी पर रिलीज किया गया। इसके अलावा उनकी फिल्म ‘कैनेडी’ अब भारत में ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर स्ट्रीम होने जा रही है। यह फिल्म भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हुई थी और सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्शकों के सामने आएगी।