Up Kiran, Digital Desk: पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के चलते दो मौतों के बाद झारखंड सरकार ने इस वायरस को लेकर अपनी तत्परता और सख्ती बढ़ा दी है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्यभर के सभी जिलों के सिविल सर्जनों को चैकस रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते पता चल सके और उसे नियंत्रित किया जा सके। इस संदर्भ में स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त सचिव अजय कुमार को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
निपाह वायरस: लक्षण और सावधानियां
निपाह वायरस के लक्षणों की पहचान करना बेहद महत्वपूर्ण है। शुरुआत में इस वायरस का प्रभाव बुखार, सिरदर्द, खांसी और सांस लेने में तकलीफ के रूप में दिख सकता है। इसके बाद स्थिति और गंभीर हो सकती है, जैसे कि गले में खराश, मानसिक भ्रम, मस्तिष्क पर प्रभाव, और कभी-कभी कोमा की स्थिति तक पहुंच सकती है। यह वायरस एक से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैल सकता है, इसलिये इसकी पहचान और उपचार में लापरवाही से बचना चाहिए।
वायरस कैसे फैलता है?
यह एक जानवरों से इंसानों में फैलने वाली गंभीर बीमारी है। निपाह वायरस आमतौर पर फल खाने वाले चमगादड़ों के संपर्क में आने से फैलता है। इन चमगादड़ों से सीधे संपर्क या उनके खाने से संक्रमित होने के बाद यह वायरस इंसान तक पहुँच सकता है। इसके अलावा, संक्रमित जानवरों, जैसे सूअरों के संपर्क में आने से भी यह वायरस फैल सकता है। विशेष ध्यान इस बात पर दिया जा रहा है कि संक्रमित व्यक्ति के लार, रक्त या अन्य द्रवों से संपर्क करने से भी यह वायरस फैलने का खतरा रहता है।




