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Up Kiran, Digital Desk: घर की वास्तुकला में हर कमरे की दिशा और उसमें रखे सामान का व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। खासकर जब बात बेडरूम की हो, तो यहाँ की ऊर्जा हमारे जीवन पर गहरा असर डालती है। आराम और थकान दूर करने के लिए बेडरूम में शांतिपूर्ण और सकारात्मक माहौल चाहिए होता है। लेकिन कई बार सही दिशा और सामान की गलत जगह पर मौजूदगी नेगेटिव प्रभाव डालती है, जिससे मन और शरीर दोनों प्रभावित होते हैं।

बेड के आसपास रखने से बचें ये सामान

वास्तु के नियमों के मुताबिक, बेड के सामने शीशा होना ठीक नहीं माना जाता। ऐसा होने पर रिश्तों में दरार आ सकती है और मानसिक शांति बाधित होती है। अगर आपके बेडरूम में शीशा बेड के सामने है, तो बेहतर होगा कि उसे ढक कर रखा जाए। इसके अलावा, बेड के पास झाड़ू रखना, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण रखना, पानी से भरी बोतलें या खाली कप रखना भी शुभ नहीं माना जाता। बेड के नजदीक रखे ड्रॉवर में सामान का जंजाल न लगाएं और नुकीली वस्तुएं जैसे कैंची या चाकू भी पास में न रखें। साथ ही, खाने-पीने की चीजें भी बेड के पास रखना सही नहीं है क्योंकि इससे वातावरण अशांत होता है।

सिरहाने की दिशा का रखें ध्यान

जहां तक बेड की दिशा का सवाल है, तो वास्तुशास्त्र में इसे बहुत अहमियत दी गई है। माना जाता है कि बेड का सिरहाना सदैव दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। गलत दिशा में रखने से मानसिक तनाव और बेचैनी की समस्या बढ़ जाती है। इसके अलावा, बेड की ऊंचाई भी जरूरत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए ताकि इसका प्रभाव आपके मन और शरीर पर अच्छा रहे।

बेड के नीचे सामग्री न रखें

बेड के नीचे अक्सर लोगों द्वारा जूते-चप्पल, पुरानी चटाई या अन्य पुराने सामान रख दिए जाते हैं, लेकिन इससे बचना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से सकारात्मक ऊर्जा कम हो जाती है और मन हल्का नहीं रहता। इससे जीवन की उलझनें बढ़ने लगती हैं।
 

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