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UP Kiran,Digital Desk: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग एसिडिटी और पेट संबंधी समस्याओं से परेशान रहते हैं। आमतौर पर इसे ज्यादा मसालेदार खाने, तेल-घी, या अत्यधिक खाने से जोड़ दिया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह समस्या कभी-कभी पेट में एसिड की कमी के कारण भी हो सकती है? कम एसिडिटी, या लो स्टमक एसिड, पेट में बने हाइड्रोक्लोरिक एसिड की सामान्य मात्रा से कम होने के कारण उत्पन्न होती है। यह एसिड भोजन को पचाने, प्रोटीन को तोड़ने और शरीर को जरूरी पोषक तत्वों को अवशोषित करने में मदद करता है।

लो स्टमक एसिड: एक अनदेखा कारण
हमारे शरीर के भीतर एसिड की कमी का मुख्य कारण उम्र बढ़ना या लंबे समय तक एंटासिड दवाओं का उपयोग करना हो सकता है। इसके अलावा, बढ़ते तनाव, पोषण की कमी (जैसे जिंक और विटामिन B12 की कमी) और अनियमित खानपान भी पेट में एसिड की कमी का कारण बन सकते हैं। जब पेट में एसिड की मात्रा कम होती है, तो भोजन सही से पचता नहीं और शरीर को आवश्यक पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, जिससे पाचन संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

एसिडिटी और कम एसिडिटी का संबंध
आरएमएल अस्पताल के प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि बताते हैं कि जब पेट में एसिड का स्तर कम होता है, तो भोजन का पाचन सही से नहीं हो पाता। अधपचा भोजन पेट में ज्यादा देर तक रह जाता है, जिससे गैस बनती है और पेट में दबाव बढ़ता है। यह दबाव ऊपर की ओर बढ़कर गले और छाती में जलन पैदा कर सकता है। आमतौर पर लोग इसे ज्यादा एसिड की समस्या मानते हैं, जबकि असल में यह एसिड की कमी के कारण होता है।

अन्य कारण जो एसिडिटी को बढ़ाते हैं
लो स्टमक एसिड के अलावा, कई अन्य कारक भी एसिडिटी को जन्म दे सकते हैं। जैसे, देर रात तक जागना, अनियमित खानपान, अत्यधिक चाय-कॉफी पीना, तला-भुना भोजन और प्रोसेस्ड फूड का सेवन। इसके अतिरिक्त, धूम्रपान, शराब का सेवन, कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट्स, और हॉर्मोनल बदलाव भी पेट पर दबाव डाल सकते हैं और एसिडिटी बढ़ा सकते हैं।

एसिडिटी से बचने के लिए उपाय
1. संतुलित आहार अपनाएं
एसिडिटी से बचने के लिए सबसे पहले हमें अपने आहार में बदलाव करना जरूरी है। एक साथ अधिक भोजन खाने की बजाय छोटे-छोटे भोजन करें। तला-भुना और मसालेदार भोजन कम से कम करें। यह न केवल पेट पर दबाव कम करता है, बल्कि पाचन को भी बेहतर बनाता है।

2. खाने के बाद आराम से चलें
खाने के बाद तुरंत लेटना ठीक नहीं होता। कम से कम 30 मिनट टहलने की आदत डालें। हल्की चहलकदमी से पेट को पचाने में मदद मिलती है और एसिड की समस्या कम होती है।

3. पानी और तनाव कम करें
पानी पीना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है और पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है। इसके अलावा, तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान, और प्राणायाम का अभ्यास करें। जब तनाव कम होता है, तो पेट में एसिडिटी की समस्या में भी सुधार होता है।

4. डॉक्टर से परामर्श लें
अगर एसिडिटी बार-बार हो रही है या लम्बे समय से बनी हुई है, तो इसे नजरअंदाज न करें। डॉक्टर से परामर्श लें और सही इलाज के लिए जांच करवाएं। सही कारण जानने के बाद ही उपचार शुरू करना चाहिए ताकि पेट और स्वास्थ्य पर कोई बुरा असर न पड़े।