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Up Kiran,Digital Desk: आजकल जब पारंपरिक निवेश विकल्प जैसे बैंक एफडी और सेविंग अकाउंट से मिलने वाला रिटर्न सीमित हो गया है, तो म्यूचुअल फंड्स का विकल्प निवेशकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। हालांकि, जब भी कोई निवेशक म्यूचुअल फंड में पैसे लगाने का निर्णय लेता है, उसके दिमाग में एक सवाल जरूर उठता है- क्या एकमुश्त निवेश करना बेहतर रहेगा, या फिर SIP के जरिए धीरे-धीरे निवेश करना? आइए, इस पर एक गहरी नजर डालते हैं और समझते हैं इन दोनों के बीच का फर्क।

म्यूचुअल फंड: क्या है और कैसे काम करता है?

म्यूचुअल फंड एक ऐसा निवेश साधन है, जो निवेशकों के पैसों को एक साथ इकट्ठा करता है और फिर उन पैसों को शेयर बाजार, बॉंड या अन्य वित्तीय उत्पादों में निवेश करता है। इसमें निवेशक अपनी सुविधा के हिसाब से एकमुश्त (लंप सम) राशि निवेश कर सकते हैं, या फिर नियमित रूप से कुछ राशि निवेश कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड खुद कोई निवेश नहीं है, बल्कि यह एक प्लेटफॉर्म है जो विभिन्न निवेशकों के पैसों को एक साथ मिलाकर उसे विभिन्न संपत्तियों में निवेश करता है।

SIP: निवेश का एक सिस्टमैटिक तरीका

SIP का मतलब है Systematic Investment Plan, यानी नियमित रूप से एक तय राशि का निवेश म्यूचुअल फंड में करना। इस योजना में निवेशक हर महीने एक निश्चित राशि (जैसे ₹500, ₹2000 या उससे अधिक) निवेश करता है। यह तरीका खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिनकी आमदनी सैलरी के रूप में होती है, या जो छोटे-छोटे निवेश करना चाहते हैं। SIP के माध्यम से निवेशक बिना ज्यादा जोखिम के, समय के साथ अपने निवेश को बढ़ा सकते हैं।

SIP और एकमुश्त निवेश: प्रमुख अंतर

अगर बात की जाए SIP और एकमुश्त निवेश के बीच के अंतर की, तो सबसे बड़ा फर्क निवेश की प्रकृति में है। एकमुश्त निवेश में निवेशक एक बार में बड़ी राशि निवेश करते हैं, जबकि SIP में निवेश नियमित अंतराल पर छोटी राशि के रूप में होता है। SIP का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें निवेशक बाजार के उतार-चढ़ाव से कम प्रभावित होते हैं। जब बाजार गिरता है, तो उसी निवेश से ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं, और जब बाजार चढ़ता है, तो वैल्यू बढ़ती है। इसे Rupee Cost Averaging कहा जाता है।

किसे चुनें: SIP या एकमुश्त निवेश?

यह सवाल अक्सर उठता है कि किस निवेश विधि से ज्यादा लाभ मिलेगा। इसका जवाब काफी हद तक बाजार की स्थिति, चुने गए म्यूचुअल फंड स्कीम और निवेश की अवधि पर निर्भर करता है। अगर बाजार लगातार ऊपर की ओर जा रहा है और निवेशक के पास बड़ी राशि हो, तो एकमुश्त निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। लेकिन लंबी अवधि के निवेश के लिए, विशेष रूप से छोटे निवेशकों के लिए, SIP एक ज्यादा सुरक्षित और स्थिर विकल्प साबित हो सकता है।

नए निवेशकों के लिए कौन सा तरीका बेहतर है?

निवेश की शुरुआत करने वालों के लिए SIP एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इससे वे छोटी-छोटी राशि के जरिए निवेश करना शुरू कर सकते हैं, साथ ही उन्हें बाजार की अस्थिरता से भी ज्यादा परेशान होने की आवश्यकता नहीं होती। SIP के माध्यम से निवेशकों को अनुशासन भी मिलता है, क्योंकि उन्हें हर महीने एक तय राशि निवेश करने की आदत पड़ जाती है। हालांकि, किसी भी निवेश फैसले से पहले निवेशक को पूरी जानकारी और रिसर्च करना चाहिए।