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Up Kiran, Digital Desk: समाजवादी पार्टी के मुखिया और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर भाजपा सरकार को घेर लिया है। इस बार मामला सीधे आस्था और पर्यावरण से जुड़ा है। अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दो अलग-अलग मुद्दों को उठाते हुए सत्ताधारी पार्टी पर दिखावटी धार्मिकता और लालच का गंभीर आरोप लगाया है।

सबसे पहले बात मथुरा की। अखिलेश यादव ने संकर्षण कुंड की दयनीय हालत की तस्वीर शेयर की और लिखा कि जहां स्वच्छता होती है वहां भगवान का वास होता है लेकिन भाजपा ने आस्था के प्रतीकों को ही गंदगी के ढेर में धकेल दिया। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2018 में दक्षिण भारत के कई बड़े पुजारियों ने श्रीमन्नारायण चिन्ना जीयर स्वामी की देखरेख में गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर ब्रज के सबसे विशाल दाऊजी विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा कराई थी। मगर आज वही भगवान संकर्षण प्रदूषित पोखरे में अपमानित हालत में पड़े हैं।

अखिलेश ने सवाल उठाया कि डबल इंजन की सरकार सात साल में भी इस पवित्र स्थान को साफ नहीं करवा पाई। उनका साफ कहना है कि भाजपाई आस्था सिर्फ वोट के लिए है असल में ये लोग भगवान के मान-सम्मान की कोई परवाह नहीं करते। सपा प्रमुख की मांग है कि दाऊजी महाराज का सम्मान बहाल किया जाए और कुंड को तुरंत साफ-सुथरा बनाया जाए।

दूसरा मुद्दा लखनऊ वासियों के सीने से जुड़ा है। अखिलेश यादव ने चेतावनी दी कि भाजपा अब शहर के फेफड़े कहे जाने वाले जनेश्वर मिश्र पार्क को भी नहीं बख्श रही। उन्होंने लोगों से अपील की कि सब मिलकर इसका विरोध करें वरना भाजपा इसे राजनीतिक रंग देकर अपना फायदा निकाल लेगी।

अखिलेश का साफ कहना है कि आज जनेश्वर मिश्र पार्क पर खतरा है कल पूरे यूपी के हर मोहल्ले की छोटी-बड़ी हरियाली पर भाजपाई ठेकेदार कब्जा कर लेंगे। उन्होंने नारा दिया – “भाजपा जाए तो सांस आए” और कहा कि अगर अभी नहीं चेते तो लखनऊ में सांस लेना मुश्किल हो जाएगा।