Up Kiran, Digital Desk: शनिवार को वेनेजुएला में एक ऐतिहासिक घटना घटी जब अमेरिकी सैनिकों ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को उनके ही निवास से गिरफ्तार कर लिया। इस हमले ने न सिर्फ वेनेजुएला की राजनीतिक स्थिति को उलझाया, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में भी एक नया मोड़ लाया है। अमेरिकी सरकार की तरफ से मादुरो के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया गया, जिसके बाद पूरी दुनिया में इस घटना पर चर्चा शुरू हो गई है।
मादुरो के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई
रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार सुबह अमेरिकी सैनिकों ने तेजी से हमला किया और राष्ट्रपति मादुरो को उनके बेडरूम से पकड़कर युद्धपोत में सवार कर लिया। मादुरो और उनकी पत्नी उस वक्त अपने निजी निवास, मिराफ्लोर्स में थे। यह घटना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिए गए एक बयान के बाद घटी, जिसमें उन्होंने मादुरो को चुनौती दी थी। मादुरो ने ट्रंप को खुली चुनौती दी थी कि वह आकर उन्हें गिरफ्तार करें और मादुरो ने यह दावा किया था कि वह अपनी स्थिति से पीछे नहीं हटेंगे।
ट्रंप की सख्त नीति और मादुरो की चुनौती
मादुरो की यह चुनौती ट्रंप के लिए एक गंभीर संदेश थी और उन्होंने इसे नजरअंदाज नहीं किया। करीब आठ महीने पहले मादुरो ने कहा था, “अगर तुममें दम है, तो आकर मुझे पकड़कर दिखाओ। मैं मिराफ्लोर्स में इंतजार करूंगा।” यह बयान दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया था, और शनिवार तड़के अमेरिका ने मादुरो के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की।




