Up Kiran, Digital Desk: महाराष्ट्र नगर निगम के लिए 15 जनवरी को होने वाले मतदान से पहले, सत्तारूढ़ महायुति पार्टी - जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) शामिल हैं - ने 64 सीटों पर जीत हासिल की है। यह जीत विपक्षी उम्मीदवारों द्वारा शुक्रवार को अपना नाम वापस लेने के बाद मिली है, जो नाम वापस लेने का अंतिम दिन था। इसके चलते महायुति पार्टी के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए।
महायुति गठबंधन के साझेदारों में भाजपा को सबसे अधिक लाभ हुआ, क्योंकि उसके 43 उम्मीदवार निर्विरोध जीत गए। इसके अलावा, शिवसेना के 19 और राष्ट्रीय एवं बाल्यपान पार्टी के दो उम्मीदवार भी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।
महायुति की क्षेत्रवार विजयों पर एक नज़र
कल्याण-डोम्बिवली में भाजपा के 14 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। भिवंडी, पनवेल और जलगांव में भी भाजपा ने छह-छह सीटों पर जीत हासिल की है। धुले और अहिल्यानगर में भाजपा के चार और तीन उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। इसके अलावा, पुणे और पिंपरी-चिंचवड में भाजपा के उम्मीदवारों ने दो-दो सीटें जीती हैं।
शिवसेना की बात करें तो ठाणे में उसके सात उम्मीदवार निर्विरोध जीते, और कल्याण-डोम्बिवली और जलगांव में छह-छह उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। एनसीपी के दो उम्मीदवार भी अहिल्यानगर में निर्विरोध जीते हैं। इसके अलावा, मालेगांव में एक स्थानीय इस्लामी पार्टी का उम्मीदवार भी निर्विरोध निर्वाचित हुआ है।
महायुति की जीत और महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव
महायुति की 64 सीटों पर जीत से नगर निगम चुनावों से पहले सत्ताधारी गठबंधन का आत्मविश्वास बढ़ेगा। गौरतलब है कि गठबंधन ने पिछले महीने हुए नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में भी शानदार जीत हासिल की थी, जिससे 2024 के विधानसभा चुनावों में मिली जबरदस्त जीत के बाद महाराष्ट्र में उसकी स्थिति और मजबूत हुई है।
आगामी नगर निकाय चुनावों की बात करें तो, बीएमसी सहित सभी नगर निगमों के लिए मतदान 15 जनवरी को होगा। परिणाम महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) द्वारा 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे।




