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Up Kiran, Digital Desk: क्या आपने कभी सोचा कि जैसे-जैसे राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, सरकार का काम भी उसी रफ़्तार से बढ़ता जा रहा है? जनता की उम्मीदें बढ़ी हैं, चुनौतियाँ नई आई हैं और इन सबको बेहतर तरीके से निपटने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। 9 दिसंबर 2025 को अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी के हस्ताक्षर से जारी आदेश के बाद राज्य में अब कुल 48 विभाग हो जाएंगे। यानी तीन बिल्कुल नए विभाग बने हैं और तीन मौजूदा विभागों के नाम भी बदले गए हैं। आइए जानते हैं क्या-क्या बदला है और क्यों?

तीन नए विभाग जो युवा, शिक्षा और हवाई कनेक्टिविटी को नई दिशा देंगे:

1. युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग  

अब राज्य के नौजवानों का भविष्य एक ही छत के नीचे संभाला जाएगा। नौकरी के नए अवसर पैदा करना, स्किल्ली हो या स्किल ट्रेनिंग – सबकी जिम्मेदारी अब इस नए विभाग की होगी। एक तरह से युवाओं के सपनों को पंख देने वाला विभाग!

2. उच्च शिक्षा विभाग  

पहले प्राइमरी से लेकर यूनिवर्सिटी तक सब एक ही शिक्षा विभाग के नीचे थे। अब उच्च शिक्षा को अलग पहचान मिली है ताकि कॉलेजों-विश्वविद्यालयों की क्वालिटी में तेजी से सुधार हो सके। स्टूडेंट्स के लिए ये बड़ी खुशखबरी है!

3. सिविल विमानन विभाग  

राज्य में हवाई यात्रा को आसान और व्यापक बनाना अब किसी एक निदेशालय का काम नहीं रहेगा। मंत्रिमंडल सचिवालय से सिविल विमानन निदेशालय को पूरी तरह अलग करके स्वतंत्र विभाग बना दिया गया है। छोटे शहरों तक फ्लाइट्स बढ़ेंगी, कनेक्टिविटी मजबूत होगी – आने वाले दिनों में इसका असर साफ दिखेगा।

साथ ही तीन विभागों के नाम भी हुए अपडेट

पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग → अब होगा डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग (डेयरी सेक्टर को बड़ा बूस्ट!)

श्रम संसाधन विभाग → अब कहलाएगा श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग (अब बाहर काम करने वाले हमारे मजदूर भाइयों का खास खयाल रखा जाएगा)

कला, संस्कृति एवं युवा विभाग → अब सिर्फ कला एवं संस्कृति विभाग (क्योंकि युवाओं का काम नए विभाग को सौंप दिया गया)

ये बदलाव सिर्फ नाम या संख्या का खेल नहीं हैं बल्कि सरकार का स्पष्ट संदेश है कि हर क्षेत्र को विशेष ध्यान और तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा। जनता के लिए काम और ज्यादा पारदर्शी, तेज और असरदार होने वाला है।