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Up kiran,Digital Desk : बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर और 'सिंघम' फेम रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसने सबको चौंका दिया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस साजिश की जड़ें केवल पैसों के लालच तक ही सीमित नहीं थीं, बल्कि इसमें धर्म का भी इस्तेमाल किया गया था। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपियों को रिक्रूट करने के लिए 'हिंदुत्व' का वास्ता दिया गया और उन्हें यह समझाकर ब्रेनवॉश किया गया कि वे किसी बड़े 'धर्म युद्ध' का हिस्सा बनने जा रहे हैं।

धर्म के नाम पर 'ब्रेनवॉश' और पैसों का लालच

मुंबई क्राइम ब्रांच की तफ्तीश में यह बात निकलकर सामने आई है कि इस पूरे कांड का ताना-बाना मास्टरमाइंड शुभम लोनकर और उसके खास सहयोगी विष्णु कुशवाहा ने बुना था। उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किए गए विष्णु कुशवाहा ने ही शूटर्स की फौज तैयार की थी। उसने शूटर दीपक शर्मा, सनी कुमार और सोनू कुमार जैसे युवाओं को अपने जाल में फंसाया। विष्णु ने इन लड़कों को पहले हिंदुत्व और धर्म की रक्षा जैसी बड़ी-बड़ी बातें बताकर उनका ब्रेनवॉश किया और फिर काम पूरा होने पर लाखों रुपये देने का लालच देकर उन्हें अपराध के रास्ते पर धकेल दिया।

बेरोजगार और 'रील' बनाने वाले युवाओं पर थी नजर

लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नेटवर्क अब सोशल मीडिया के जरिए अपनी जड़ें फैला रहा है। जांच में पता चला है कि गैंग ऐसे बेरोजगार युवाओं को टारगेट करता है जो सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ रील (Reels) पोस्ट करते हैं और दबंगई का शौक रखते हैं। विष्णु कुशवाहा पिछले कुछ सालों से बिश्नोई गैंग के लिए स्लीपर सेल की तरह काम कर रहा था। उसने यूपी और हरियाणा से ऐसे ही 6 लड़कों को चुना जो पहले से ही गैंग की विचारधारा से प्रभावित थे। इन युवाओं को हथियार चलाने की ट्रेनिंग भी दी गई थी, जिसकी जांच अब यूपी एसटीएफ और मुंबई पुलिस मिलकर कर रही है।

टारगेट 'लॉक' था, मोबाइल 'ऑफ' थे

1 फरवरी 2026 की उस काली रात की साजिश पूरी तरह से प्री-प्लांड थी। क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने बताया कि हरियाणा और यूपी से गिरफ्तार किए गए सातों आरोपियों को स्पष्ट पता था कि उनका टारगेट कौन है। रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर पर फायरिंग करने के बाद जब शूटर आगरा और नोएडा भागे, तो वहां उन्हें पनाह देने वाले जतिन और विशाल को भी इस बात की पूरी जानकारी थी। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए घटना के वक्त और उसके बाद सभी आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर रखे थे, यही वजह है कि पुलिस को उनकी लोकेशन ट्रेस करने में इतना वक्त लगा।

मकोका का शिकंजा और 12 गिरफ्तारियां

इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस अब तक 12 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों पर मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) जैसी सख्त धाराएं लगाई हैं। बता दें कि 1 फरवरी को रात करीब 12:45 बजे रोहित शेट्टी की बिल्डिंग पर पांच राउंड फायरिंग की गई थी, जिसकी जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य शुभम लोनकर ने सोशल मीडिया पर ली थी। फिलहाल पुलिस शुभम लोनकर की तलाश में है और नेटवर्क की अन्य कड़ियों को जोड़ने में लगी है।