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Up Kiran,Digital Desk: भारत और अमेरिका के रिश्ते अक्सर टैरिफ वॉर की वजह से तनाव में रहते थे, लेकिन अब इस विवाद का अंत हो गया है। शनिवार को व्हाइट हाउस ने एक आधिकारिक बयान जारी किया जिसमें बताया गया कि दोनों देश एक समझौते पर पहुंच गए हैं जो टैरिफ वॉर को समाप्त करता है। इस समझौते के तहत, भारत और अमेरिका ने अपने व्यापारिक रिश्तों को एक नए दौर में प्रवेश करने के लिए एक ढांचा तैयार किया है।

अंतरिम समझौता: दोनों देशों के लिए फायदेमंद

व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक जॉइंट स्टेटमेंट में कहा गया कि भारत और अमेरिका ने एक व्यापार फ्रेमवर्क पर सहमति जताई है, जो दोनों देशों के लिए लाभकारी होगा। यह समझौता 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच शुरू की गई द्विपक्षीय व्यापार बातचीत का हिस्सा है।

भारत ने अमेरिका के कृषि और औद्योगिक सामानों पर टैरिफ घटाने का निर्णय लिया

भारत ने अमेरिका से आने वाले विभिन्न औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर अपने टैरिफ को घटाने या पूरी तरह से खत्म करने का फैसला किया है। इसमें विशेष रूप से सूखे डिस्टिलर ग्रेन (DDGs), ज्वार, मेवे, सोयाबीन तेल और वाइन शामिल हैं। इसके साथ ही, अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर कुछ टैरिफ बढ़ाने का निर्णय लिया है, जैसे कपड़ा, चमड़ा, जूते, प्लास्टिक, और घरेलू साज-सज्जा आदि पर 18% तक का टैरिफ लागू किया जाएगा।

भारत-अमेरिका व्यापार पर संभावित प्रभाव

अंतरिम समझौते के बाद, अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर भी कई सुविधाएँ दी हैं। भारतीय दवाइयां, रत्न और विमान के पुर्जों पर अब अतिरिक्त टैरिफ नहीं लगाए जाएंगे। अमेरिका ने भी अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के कारण पहले लगाए गए कुछ टैरिफ को हटाने का निर्णय लिया है।

निर्यात की नई संभावनाएँ

भारत ने यह भी आश्वासन दिया है कि वह अमेरिका से 500 अरब डॉलर के उत्पाद अगले पांच वर्षों में खरीदेगा। इसमें अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान पुर्जे, कीमती धातुएं और टेक्नोलॉजी उत्पाद शामिल होंगे। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच डिजिटल व्यापार और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने की भी योजना बनाई गई है।

गैर-टैरिफ बाधाओं को खत्म करना

इस समझौते में एक महत्वपूर्ण पहलू गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाना है। भारत ने अमेरिकी चिकित्सा उपकरणों पर लगे प्रतिबंधों को हल करने की बात की है। इसके अलावा, अमेरिका-भारत के बीच तकनीकी नियमों की आदान-प्रदान प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए दोनों देशों ने सहमति व्यक्त की है। इस कदम से व्यापार की गति तेज होगी और नई संभावनाएँ खुलेंगी।

भारत और अमेरिका का भविष्य में सहयोग

दोनों देश आगे चलकर एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के जरिए अपने व्यापारिक रिश्तों को और मजबूत करने पर काम करेंगे। इसके तहत व्यापार में अधिक आसानी, आपसी मानकों की अनुकूलता और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। साथ ही, दोनों देशों ने यह सुनिश्चित किया है कि डिजिटल व्यापार में सुधार की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएंगे।