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Up kiran,Digital Desk : बॉलीवुड में गानों के रीमेक और प्रेरणा की खबरें अक्सर आती रहती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सलमान खान की एक ब्लॉकबस्टर फिल्म का पूरा गाना उनकी ही पुरानी फिल्म की एक मामूली लाइन से पैदा हुआ था? मशहूर गीतकार समीर ने अपनी ही रचनात्मकता का इस्तेमाल करते हुए एक फिल्म के अंतरे (Stanza) को दूसरी फिल्म के मुख्य मुखड़े (Hook Line) में बदल दिया और इत्तेफाक देखिए कि दोनों ही गाने सलमान खान पर ही फिल्माए गए थे।

'हर दिल जो प्यार करेगा' से मिला आइडिया

साल 2000 में सलमान खान, प्रीति जिंटा और रानी मुखर्जी की फिल्म 'हर दिल जो प्यार करेगा' रिलीज हुई थी। इस फिल्म का एक गाना 'आते जाते जो मिलता है तुमसा लगता है' काफी हिट हुआ था। इस गाने के बीच में एक अंतरा आता है जिसकी एक लाइन थी— "तुमसे मिलना, बातें करना, बड़ा अच्छा लगता है"।

उस वक्त शायद किसी ने नहीं सोचा था कि यह एक लाइन भविष्य में एक कल्ट क्लासिक गाने का रूप ले लेगी। गीतकार समीर को यह लाइन इतनी पसंद आई कि उन्होंने इसे संभाल कर रखा।

'तेरे नाम' में बना पूरा गाना

तीन साल बाद, यानी 2003 में सलमान खान और भूमिका चावला की फिल्म 'तेरे नाम' आई। इस फिल्म के संगीत की जिम्मेदारी हिमेश रेशमिया और समीर की जोड़ी पर थी। जब रोमांटिक गानों की बात आई, तो समीर ने 'हर दिल जो प्यार करेगा' के उस अंतरे की लाइन को उठाया और उस पर पूरा गाना लिख दिया— "तुमसे मिलना, बातें करना, बड़ा अच्छा लगता है"।

यह गाना सलमान और भूमिका की मासूम केमिस्ट्री के साथ इतना सटीक बैठा कि यह उस साल का सबसे बड़ा रोमांटिक हिट बन गया। उदित नारायण और अल्का याग्निक की आवाज ने इसमें चार चांद लगा दिए।

'तेरे नाम' का ऐतिहासिक संगीत

फिल्म 'तेरे नाम' को आज भी उसके संगीत के लिए याद किया जाता है। फिल्म में कुल 11 गाने थे, जिनमें 'क्यों किसी को वफा के बदले', 'लगन लगी', 'ओढ़नी' और टाइटल ट्रैक 'तेरे नाम' शामिल थे। समीर के लिखे इन गानों ने फिल्म की दर्द भरी कहानी को घर-घर तक पहुंचा दिया था। यह फिल्म सलमान खान के करियर का टर्निंग पॉइंट मानी जाती है और उनके 'राधे' लुक का क्रेज आज भी बरकरार है।

इत्तेफाक और जोड़ियां

दिलचस्प बात यह है कि 'आते जाते' में सलमान के साथ प्रीति जिंटा थीं, जबकि 'तुमसे मिलना' में भूमिका चावला। 'तेरे नाम' की भारी सफलता के बाद सलमान और भूमिका की जोड़ी दोबारा फिल्म 'दिल ने जिसे अपना कहा' में नजर आई, जिसमें प्रीति जिंटा भी थीं। हालांकि, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 'तेरे नाम' जैसा जादू नहीं चला सकी और फ्लॉप साबित हुई।

समीर का यह प्रयोग बॉलीवुड के इतिहास में एक दिलचस्प उदाहरण है कि कैसे एक छोटा सा विचार या एक लाइन एक पूरी फिल्म की पहचान बन सकती है।