
saurabh murder case: उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए सौरभ हत्याकांड में हर दिन नई जानकारी सामने आ रही है। हत्याकांड के आरोपी और मृतक सौरभ की पत्नी मुस्कान के बारे में और चौंकाने वाली जानकारी मिली है। मुस्कान को दवाइयां सप्लाई करने वाले मेडिकल स्टोर पर छापा मारा गया। जिसमें कई अहम बातें सामने आई हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने रविवार को उषा मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। मुस्कान ने 33 रुपए कीमत का मेज़ोलम नामक नशीला इंजेक्शन भी खरीदा था। बताया जा रहा है कि मुस्कान ने अपने मोबाइल फोन पर दवा का पर्चा दिखाकर खरीदारी की थी। छापेमारी के दौरान मेडिकल स्टोर संचालक से पूछा गया कि सौरभ को बेहोश करने वाला इंजेक्शन खरीदने कौन आया था, क्या इंजेक्शन डॉक्टर ने लिखा था या यूं ही दे दिया गया?
अब छापेमारी करने वाली टीम मेडिकल स्टोर के स्टॉक और बिलिंग की भी जांच कर रही है। मेडिकल स्टोर संचालक का कहना है कि उन्हें नहीं पता था कि मुस्कान ये साजिश रच रही है। अब जांच के बाद मेडिकल स्टोर के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी। कानूनी कार्रवाई के बाद मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। पुलिस ने मेडिकल स्टोर चालक से भी पूछताछ की है। यह मेडिकल स्टोर खैरनगर के मेडिसिन मार्केट में स्थित है।
मेडिकल स्टोर संचालक ने क्या कहा?
मेडिकल स्टोर संचालक ने बताया कि लगभग 45 दिन पहले एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति स्कूटर पर ये दवा लेने आए थे। मुस्कान ने अपने मोबाइल फोन पर डॉक्टर का पर्चा दिखाकर दवा खरीदी थी। इसकी कीमत 33 रुपये थी और उसे दे दिया गया। औषधि विभाग की एक टीम ने स्टॉक और बिलिंग का निरीक्षण किया और अवसाद रोधी दवाओं सहित कुछ दवाओं के नमूने लिए।
मुस्कान ने बताया कि स्कूटर चला रहे व्यक्ति मेरे पिता हैं, उन्हें कुछ समस्या है जिसके लिए उन्हें इस इंजेक्शन की आवश्यकता है। दुकानदार मुस्कान की मंशा नहीं समझ पाया और उसे इंजेक्शन लगेगा। ड्रग इंस्पेक्टर के अनुसार यह मेडिकल स्टोर भी संदिग्ध है। जांच में लापरवाही पाए जाने पर स्टोर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर मामला दर्ज किया जाएगा तथा मेडिकल स्टोर का लाइसेंस भी निरस्त किया जाएगा।
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