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Up Kiran, Digital Desk: पटना में शंभू गर्ल्स हॉस्टल में एक छात्रा की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत के बाद से स्थानीय जनता और विपक्षी दलों में गुस्से की लहर है। इस घटना ने राज्य सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर लोग पुलिस की शुरुआती जांच पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल भी नीतीश सरकार पर हमलावर हो गए हैं।

कांग्रेस और महिला कार्यकर्ताओं का विरोध

इस मामले को लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चूड़ियां लेकर सड़कों पर उतर कर सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जब राज्य में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं तो उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को चूड़ी पहननी चाहिए। इस दौरान बिहार कांग्रेस के प्रमुख कृष्णा अल्वावरु ने आरोप लगाया कि सरकार और पुलिस इस मामले में ढिलाई बरत रहे हैं और जांच को सही दिशा में नहीं बढ़ने दे रहे हैं।

कांग्रेस का आरोप: SIT पर उठे सवाल

कृष्णा अल्वावरु ने SIT गठन को लेकर तीखी आलोचना की और कहा, "यह SIT ठीक से काम नहीं कर रही है। जांच में देरी की वजह से यह सवाल उठने लगे हैं कि कहीं जांच को दबाने की कोशिश तो नहीं हो रही।" उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन और सरकार माफिया तत्वों से मिलकर काम कर रहे हैं और आम जनता की सुरक्षा को नजरअंदाज कर रहे हैं।

दूसरी छात्रा की मौत का रहस्य

इसी बीच, एक प्रमुख न्यूज चैनल ने पटना के एक अन्य गर्ल्स हॉस्टल से जुड़ी एक घटना का खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 6 जनवरी को परफेक्ट PG गर्ल्स हॉस्टल में एक नाबालिग छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। छात्रा के पिता ने हॉस्टल इंचार्ज और अन्य कर्मचारियों पर आरोप लगाया कि उनकी बेटी की हत्या के बाद शव को पुलिस के आने से पहले ही हटा लिया गया था। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है, और यह मामला भी पूरी तरह से जांच के दायरे में है।

पटना पुलिस की भूमिका पर सवाल

पटना पुलिस की शुरुआती जांच पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। मामले को नींद की गोलियों से जोड़ कर पुलिस ने जांच का रुख मोड़ दिया था, लेकिन बाद में जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया, तब जाकर एक गिरफ्तारी की गई। लोग आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस ने जानबूझकर इस मामले को हल्का किया और घटना को गंभीरता से नहीं लिया।