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israelis protest against netanyahu: गाजा में इजरायल और हमास के बीच महीनों तक चली युद्धविराम शांति (armistice peace) आखिरकार टूट गई है। इजरायल ने एक बार फिर गाजा पर पूरी ताकत से हमले शुरू कर दिए हैं, जिसके बाद इस जंग के रुकने की उम्मीदें धूमिल हो गई हैं।

हजारों मौतों और तबाही के बावजूद दोनों पक्षों में सुलह की कोई गुंजाइश नजर नहीं आ रही। मगर इस बार कहानी सिर्फ गाजा तक सीमित नहीं है। इजरायल के अंदर भी उथल-पुथल मच गई है। पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (PM Benjamin Netanyahu) की युद्ध नीतियों और विवादित फैसलों ने देश को गृहयुद्ध की कगार पर ला खड़ा किया है।

गाजा में फिर बरसा कहर, इजरायल में सड़कों पर गुस्सा

बीते कई दिनों में गाजा पर इजरायली हवाई हमलों (Israeli air strikes) ने सैकड़ों जिंदगियां छीन ली हैं। उत्तरी गाजा को खाली करने के आदेश जारी किए गए हैं, जिसे हमास ने संघर्षविराम का खुला उल्लंघन करार दिया है।

संयुक्त राष्ट्र ने भी गाजा में बढ़ते मानवीय संकट पर चिंता जताई है। मगर दूसरी तरफ इजरायल के भीतर हालात और भी विस्फोटक हो गए हैं। नेतन्याहू सरकार के फैसलों के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। उनका गुस्सा सिर्फ युद्ध तक सीमित नहीं है। ये सरकार के ताजा कदमों से भी भड़का है, जिसमें देश के खुफिया प्रमुख और अटॉर्नी जनरल (Intelligence Chief and Attorney General) को हटाने की कोशिश और गाजा पर ना हक हमला शामिल है।

इजरायली की सबसे कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस ने इन घटनाओं को गृहयुद्ध की ओर बढ़ता कदम करार दिया है। अदालत ने खुफिया प्रमुख और अटॉर्नी जनरल को हटाने के फैसले पर तात्कालिक रोक लगा दी। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार इस आदेश को मानने के मूड में नहीं है। इसका पूरा फायदा हमास को मिल सकता है। 

 

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