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Up Kiran, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के माघ मेले में इस बार एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां प्रशासन ने समानता का संदेश देने के लिए विशेष कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि माघ मेले के प्रमुख स्नान पर्वों पर किसी भी तरह का VIP प्रोटोकॉल लागू नहीं होगा। इससे एक ओर जहां आम श्रद्धालुओं को विशेष प्राथमिकता मिलने की उम्मीद है, वहीं बड़े अधिकारियों और अन्य विशिष्ट मेहमानों को भी सामान्य श्रद्धालुओं के समान नियमों का पालन करना होगा।

VIP पास का सवाल: कोई विशेष लाभ नहीं

मेला प्रशासन ने साफ किया है कि आम लोगों के लिए कोई VIP पास जारी नहीं किया जाएगा। मेले में प्रवेश पूरी तरह से निःशुल्क है। हालांकि, कुछ निजी संस्थाएं और ट्रैवल एजेंसियां VIP दर्शन या प्रायोरिटी पास के नाम पर आकर्षक पैकेज बेच रही हैं। इन पैकेजों में मुख्य रूप से टेंट में ठहरने, गाइड की सुविधा और कम भीड़ में दर्शन की पेशकश की जा रही है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे ऐसे ऑफर्स की सत्यता की जांच कर लें, ताकि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।

मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित

प्रशासन ने माघ मेले के प्रमुख स्नान दिनों जैसे मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या पर मेला क्षेत्र को नो व्हीकल जोन घोषित किया है। इसके तहत केवल आपातकालीन सेवाओं जैसे एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को ही मेला क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति मिलेगी। VIP गाड़ियों के लिए भी मेला क्षेत्र में प्रवेश पर प्रतिबंध होगा। श्रद्धालुओं को अपनी गाड़ियों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर छोड़कर पैदल ही संगम तक जाना होगा। इस फैसले से यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है और श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलने की संभावना है।

श्रद्धालुओं के लिए नया क्यूआर कोड सिस्टम

इस बार माघ मेले में एक नई सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को और भी आसानी होगी। मेला क्षेत्र के हर बिजली के खंभे पर एक यूनिक क्यूआर कोड लगाया गया है। यदि कोई श्रद्धालु रास्ता भटक जाता है, तो वह इस क्यूआर कोड को स्कैन करके अपनी सही लोकेशन जान सकता है। इससे न केवल श्रद्धालुओं को रास्ता ढूंढने में मदद मिलेगी, बल्कि वे अपने परिवार और दोस्तों से भी संपर्क कर सकेंगे।