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Up kiran,Digital Desk : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने चिर-परिचित 'अनफिल्टर्ड' अंदाज में देश को संबोधित किया। इस 19 मिनट के भाषण में ट्रंप ने न केवल अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने सहयोगियों का मजाक उड़ाया और ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध में पूर्ण विजय का बिगुल फूंका।

'अब वे मुझे राजा (King) कहते हैं' - ट्रंप का तंज

ट्रंप ने अपने संबोधन की शुरुआत आत्ममुग्धता भरे मजाकिया अंदाज में की। उन्होंने कहा, "आज रात मैं एक छोटा भाषण दूंगा ताकि सबको बता सकूं कि मैं कितना महान हूं।" * किंग की उपाधि: ट्रंप के खिलाफ अमेरिका की सड़कों पर 'नो किंग्स' (No Kings) के नारे लग रहे हैं और प्रदर्शन हो रहे हैं। इस पर पलटवार करते हुए ट्रंप ने व्यंग्य किया— "क्या आप यकीन कर सकते हैं? अब वे मुझे 'किंग' बुलाते हैं। मैं कैसा राजा हूं जो एक बैंक्वेट हॉल तक मंजूर नहीं करवा पा रहा? अगर मैं सच में राजा होता, तो और भी बहुत कुछ कर डालता।"

मैक्रों का उड़ाया मजाक: निजी जीवन पर भी टिप्पणी

भाषण के दौरान ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को अपना मुख्य निशाना बनाया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में ट्रंप मैक्रों के साथ अपनी बातचीत का जिक्र करते हुए हंसते दिख रहे हैं:

युद्ध में मदद पर तंज: ट्रंप ने दावा किया कि जब उन्होंने मैक्रों से सैन्य मदद मांगी, तो मैक्रों ने कहा— "नहीं, हम युद्ध जीतने के बाद मदद करेंगे।" ट्रंप ने इस पर चुटकी लेते हुए कहा कि कई देश केवल युद्ध खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं।

निजी टिप्पणी: ट्रंप ने मैक्रों के निजी जीवन और उनकी पत्नी को लेकर भी अपमानजनक टिप्पणी की, जिससे वहां मौजूद भीड़ ठहाके लगाने लगी।

ऑपरेशन एपिक फ्युरी: 'ईरान की नौसेना और परमाणु ठिकाने तबाह'

ट्रंप ने 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए 'ऑपरेशन एपिक फ्युरी' की सफलता पर बड़ी घोषणाएं कीं:

सैन्य ताकत खत्म: ट्रंप का दावा है कि पिछले 4 हफ्तों में अमेरिकी सेना ने ईरान की नौसेना, मिसाइल कारखानों और रॉकेट लॉन्चर्स को पूरी तरह नष्ट कर दिया है।

परमाणु कार्यक्रम: उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान के परमाणु ठिकाने अब मलबे के ढेर हैं और वे कभी परमाणु हथियार नहीं बना पाएंगे।

होर्मुज जलडमरूमध्य: ट्रंप ने इसे 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' (Strait of Trump) करार देते हुए कहा कि अब अमेरिका को इसकी जरूरत नहीं है, दुनिया के बाकी देश इसे संभालें।

नासा और आर्टेमिस-II को बधाई

युद्ध की चर्चा से पहले ट्रंप ने विज्ञान के क्षेत्र में अमेरिका की उपलब्धि का जश्न मनाया। उन्होंने नासा और आर्टेमिस-II मिशन के उन चार अंतरिक्ष यात्रियों को बधाई दी, जो 54 साल बाद चांद की दहलीज पर पहुंचकर इतिहास रचने जा रहे हैं।

पृष्ठभूमि: 28 फरवरी से जारी है जंग

बता दें कि इस संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के साझा अभियान से हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुरुआती हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद उनके बेटे ने कमान संभाली। ट्रंप ने अब दावा किया है कि दुश्मन को इतने कम समय में इतना बड़ा नुकसान इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ।