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Up kiran,Digital Desk : चुनावी रैलियों की गहमागहमी और राजनीतिक वार-पलटवार के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक बेहद सादगी भरा और मजाकिया वीडियो सोशल मीडिया पर सुनामी की तरह छा गया है। पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में सड़क किनारे एक छोटी सी दुकान पर 'झालमुड़ी' का स्वाद लेते पीएम मोदी का यह अंदाज लोगों को इतना पसंद आया कि इंस्टाग्राम पर महज 24 घंटे में इसे 100 मिलियन (10 करोड़) से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। वीडियो में पीएम का दुकानदार को दिया गया चुटीला जवाब अब हर किसी की जुबान पर है।

जब अचानक रुक गया पीएम का काफिला और बोले- "भाई, झालमुड़ी खिलाओ"

वाकया रविवार का है, जब पीएम मोदी झाड़ग्राम में अपनी रैली खत्म कर हेलीपैड की ओर लौट रहे थे। कॉलेज मोड़ के पास अचानक उन्होंने अपना काफिला रुकवाया और गाड़ी से उतरकर सीधे विक्रम साह की झालमुड़ी की दुकान पर पहुंच गए। नीले वेस्टकोट और लाल स्कार्फ पहने पीएम को अपनी दुकान के सामने देख विक्रम हक्के-बक्के रह गए। पीएम ने मुस्कुराते हुए बड़े ही देसी अंदाज में कहा, "भाई, हमें अपना झालमुड़ी खिलाओ... अच्छा वाला बनाओ!"

"प्याज खाता हूं, दिमाग नहीं": दुकानदार से मजेदार संवाद

झालमुड़ी तैयार करने के दौरान जब दुकानदार विक्रम ने पीएम से पूछा कि "क्या आप प्याज खाते हैं?", तो पीएम मोदी ने ठहाका लगाते हुए जो जवाब दिया, उसने वीडियो को वायरल कर दिया। पीएम ने कहा, "हां, प्याज खाता हूं, बस किसी का दिमाग नहीं खाता!" यह सुनते ही वहां मौजूद लोग और सुरक्षाकर्मी अपनी हंसी नहीं रोक सके। पीएम ने न केवल खुद झालमुड़ी खाई, बल्कि वहां मौजूद बच्चों को भी इसका स्वाद चखाया। खास बात यह रही कि पीएम ने जेब से 10 रुपये निकालकर दुकानदार को दिए और विक्रम के मना करने पर भी पैसे लेने का आग्रह किया।

सोशल मीडिया पर टूटे रिकॉर्ड्स, 'झालमुड़ी' सर्च में आई बाढ़

पीएम मोदी के इस 'ग्राउंड कनेक्ट' ने डिजिटल दुनिया में हलचल मचा दी है। आंकड़ों की बात करें तो:

इंस्टाग्राम: पीएम मोदी के आधिकारिक अकाउंट पर यह वीडियो 10 करोड़ (100M) व्यूज का आंकड़ा पार कर चुका है।

फेसबुक: यहां भी इसे 9 करोड़ (90M) से ज्यादा बार देखा गया है।

गूगल ट्रेंड्स: "Jhalmuri" कीवर्ड का सर्च वॉल्यूम पिछले 22 सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।

रातों-रात सेलिब्रिटी बने दुकानदार विक्रम

गया के रहने वाले विक्रम साह, जो पिछले 12 सालों से झाड़ग्राम में दुकान चला रहे हैं, अब इलाके में चर्चा का विषय बन गए हैं। उनकी दुकान पर अब ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। विक्रम ने बताया कि प्रधानमंत्री का व्यक्तित्व इतना सहज था कि उन्हें यकीन ही नहीं हुआ कि वह देश के पीएम से बात कर रहे हैं। हालांकि, उन्हें बस एक मलाल है कि वे हड़बड़ाहट में पीएम का ऑटोग्राफ नहीं ले पाए। बंगाल की लोक संस्कृति से जुड़ा यह पल अब 2026 के चुनावों का सबसे यादगार हिस्सा बन गया है।