img

South China Sea tension: दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती दादागिरी अब वैश्विक सुर्खियों का केंद्र बन चुकी है। इस इलाके में कृत्रिम द्वीपों और सैन्य अड्डों के जरिए अपनी पकड़ मजबूत करने की चीन की रणनीति से परेशान फिलीपींस ने अब भारत की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। मंगलवार को एक सनसनीखेज बयान में फिलीपींस के सेना प्रमुख जनरल रोमियो एस ब्राउनर ने सुझाव दिया कि भारत और दक्षिण कोरिया जैसे देशों को अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के साथ बने रणनीतिक गठबंधन 'स्क्वाड' में शामिल होना चाहिए। सवाल ये है कि क्या ये गठबंधन इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की धमकियों का जवाब बन पाएगा?

चीन की चाल और फिलीपींस की चिंता

चीन सागर लंबे समय से विवादों का अखाड़ा रहा है। मगर हाल के सालों में चीन ने इस इलाके में अपनी हरकतें तेज कर दी हैं। जनरल ब्राउनर ने बताया कि चीन ने अब तक तीन कृत्रिम द्वीप बना लिए हैं, जिन्हें सैन्य अड्डों में तब्दील किया जा रहा है। उनका कहना है कि ये "गैरकानूनी और दबाव वाली रणनीति" न सिर्फ क्षेत्रीय देशों के लिए खतरा है, बल्कि आने वाले समय में पूरे इलाके पर चीन का कब्जा भी संभव है। फिलीपींस इस समुद्री क्षेत्र में अपनी संप्रभुता को लेकर संघर्ष कर रहा है। अब अकेले इस समस्या का सामना करने में असमर्थ महसूस कर रहा है।

इसी को देखते हुए फिलीपींस ने भारत की ओर देखा है। हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित रायसीना डायलॉग में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के शीर्ष सैन्य अफसरों ने फिलीपींस के साथ मिलकर समुद्री सुरक्षा पर चर्चा की थी। इस मीटिंग ने साफ कर दिया कि इंडो-पैसिफिक में शांति और स्थिरता के लिए एकजुटता जरूरी है।

भारत की भूमिका पर नौसेना प्रमुख का बयान

इस पूरे घटनाक्रम पर भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी का रुख साफ है। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र को शांतिपूर्ण और स्थिर रखना भारत की जिम्मेदारी है। हमारी नौसेना न सिर्फ अपनी मौजूदगी बनाए हुए है, बल्कि इस इलाके में हर गतिविधि पर नजर भी रख रही है।" एडमिरल त्रिपाठी के इस बयान से साफ है कि भारत इस क्षेत्र में अपनी भूमिका को लेकर गंभीर है, मगर क्या वह 'स्क्वाड' में शामिल होने के लिए तैयार है? ये सवाल अभी अनुत्तरित है।
 

--Advertisement--