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Shambhu border eviction: पंजाब पुलिस ने बुधवार को पंजाब-हरियाणा शंभू सीमा से प्रदर्शनकारी किसानों को हटा दिया और प्रदर्शन स्थल पर बनाए गए अस्थायी ढांचों को गिरा दिया। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे जगजीत सिंह दल्लेवाल और किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंधेर समेत कई किसान नेताओं को हिरासत में लिया गया। एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी समेत अलग अलग मांगों को लेकर किसानों और केंद्र सरकार के बीच चल रहे विवाद के बीच पुलिस की ये कार्रवाई हुई है।

राज्य के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि शंभू और खनौरी बॉर्डर को फिर से खोलना जरूरी था, जो एक साल से ज्यादा समय से बंद हैं। चीमा ने दोहराया कि किसानों की मांगें केंद्र सरकार से हैं राज्य सरकार से नहीं और उन्होंने किसानों से अपना विरोध दिल्ली में स्थानांतरित करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि जब व्यापार फिर से शुरू होगा। तो युवाओं को रोजगार मिलेगा और वे नशे से दूर रहेंगे। पंजाब के लोगों ने तीन काले कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान किसानों का समर्थन किया। लेकिन अब सड़कों को अवरुद्ध रखना राज्य को नुकसान पहुंचा रहा है।

विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई की आलोचना की है। कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने केंद्र और आप के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार दोनों पर किसानों के आंदोलन को अलग-थलग करने और कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि हिरासत में लिए जाने से पहले नेताओं को बातचीत का वादा करके गुमराह किया गया।
 

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