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Up kiran,Digital Desk : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को उन विपक्षी दलों पर तीखा तंज कसा, जो आगामी नगर निगम चुनावों में महायुति की 68 सीटों पर निर्विरोध जीत को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उत्तर महाराष्ट्र के धुले में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर किसी को मिर्ची लगी है तो इसमें हम क्या कर सकते हैं।” यह बयान उन्होंने 15 जनवरी को होने वाले 29 नगर निगम चुनावों से पहले दिया।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने धुले में भाजपा के चार नगरसेवकों के निर्विरोध चुने जाने पर मतदाताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जनता का यह समर्थन पार्टी पूरे सम्मान और जिम्मेदारी के साथ स्वीकार करती है। साथ ही उन्होंने विपक्ष को याद दिलाया कि देश में अब तक 35 लोकसभा सांसद निर्विरोध चुने गए हैं, जिनमें से 33 कांग्रेस के शासनकाल के दौरान थे। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब विपक्ष के समय में निर्विरोध चुनाव होते थे, तब लोकतंत्र सुरक्षित माना जाता था, लेकिन आज वही स्थिति लोकतंत्र के लिए खतरा बताई जा रही है।

धुले को महाराष्ट्र का प्रवेश द्वार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शहर एक ओर गुजरात और दूसरी ओर मध्य प्रदेश से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक धुले का अपेक्षित विकास नहीं हुआ और 2003 में नगर निगम बनने के बाद जब भाजपा सत्ता में आई, तभी विकास कार्यों को गति मिली।

नगर निगम चुनावों से पहले महायुति उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत का मुद्दा अब अदालत तक पहुंच गया है। सोमवार को बॉम्बे हाई कोर्ट में यह मामला उठा, जहां महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के एक नेता ने 68 सीटों पर घोषित नतीजों पर रोक लगाने और कथित तौर पर जबरन नाम वापस लेने के आरोपों की जांच की मांग की।

इससे पहले शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राज्य निर्वाचन आयोग से इन 68 सीटों के नतीजे रद्द करने की अपील की थी। उनका कहना था कि निर्विरोध जीत से जेन-जी और पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भी भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति पर हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता की चाह में लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।