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UP Kiran Digital Desk : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को राज्य की जनता को सरकार के 'युद्ध नशीयान विरुद्ध' अभियान के एक वर्ष पूरा होने पर बधाई दी और इसे पंजाब को नशीली दवाओं के खतरे से मुक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और निर्णायक आंदोलन बताया।

पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए जन अभियान की पहली वर्षगांठ के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल ने आपूर्ति नेटवर्क को ध्वस्त करके और तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करके राज्य में मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई को बदल दिया है।

मुख्यमंत्री मान ने पिछली सरकारों की आलोचना की।

एक बयान में मुख्यमंत्री मान ने कहा कि यह अभियान पंजाब में मादक पदार्थों के नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने मादक पदार्थों के व्यापार को संरक्षण दिया, जिससे कई पीढ़ियां बर्बाद हुईं, जबकि वर्तमान सरकार ने आपूर्ति श्रृंखलाओं को तोड़कर और बड़े अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजकर मादक पदार्थों के कारोबार की कमर तोड़ दी है।

इस अभियान की व्यापकता पर प्रकाश डालते हुए मान ने कहा कि मार्च 2025 से फरवरी 2026 तक शून्य-सहिष्णुता नीति लागू की गई थी। इस दौरान मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ 36,178 एफआईआर दर्ज की गईं और 51,648 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने 2,277 किलोग्राम हेरोइन जब्त की और 49 लाख से अधिक मादक गोलियां और कैप्सूल बरामद किए।

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि मादक पदार्थों के कारोबार से बरामद 16.70 करोड़ रुपये की रकम बरामद की गई है, जबकि तस्करों से जुड़ी करोड़ों की संपत्तियां जब्त या ध्वस्त कर दी गई हैं। एनडीपीएस अधिनियम के तहत, कुल दोषसिद्धि दर लगभग 84 प्रतिशत रही, जो 2025 तक बढ़कर लगभग 88 प्रतिशत हो जाएगी। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय बेहतर केस तैयार करने और फोरेंसिक सहायता को दिया।

मुख्यमंत्री मान ने ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया

मुख्यमंत्री मान ने जोर देकर कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत, वर्तमान सरकार मादक पदार्थों के दुरुपयोग से होने वाली मौतों की कीमत पर तस्करों को फलने-फूलने नहीं देगी। उन्होंने दोहराया कि मादक पदार्थों के व्यापार में शामिल लोगों के खिलाफ अनुकरणीय और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।

सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ाई का उद्देश्य पंजाब के युवाओं की सुरक्षा करना है और यह लोगों के सक्रिय समर्थन से लगातार जारी रहेगी, जिन्होंने इस अभियान को जन आंदोलन में बदलने में मदद की है।