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Up Kiran, Digital Desk: भारत में हर रोज़ लाखों लोग ट्रेन से सफर करते हैं। लेकिन कई बार ट्रैफिक, कोहरे या अन्य कारणों से यात्रियों को अपनी ट्रेन छूट जाने का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि क्या उनका टिकट रद्द होगा और पैसे वापस मिलेंगे। रेलवे के नियमों के मुताबिक, हर स्थिति में यात्री का पैसा नहीं डूबता है, लेकिन इसके लिए कुछ खास नियमों का पालन करना ज़रूरी है।

ट्रेन छूटने पर भी रिफंड का विकल्प

क्या आपको लगता है कि अगर ट्रेन छूट जाए तो आपका पैसा पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा? ऐसा नहीं है। रेलवे ने इस स्थिति में रिफंड पाने का एक तरीका पेश किया है। अगर किसी कारणवश आपकी ट्रेन छूट जाती है, तो आप रिफंड के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस आवेदन को 'टिकट डिपॉजिट रिसिप्ट' (TDR) कहा जाता है। लेकिन ध्यान रखें कि यह प्रक्रिया ट्रेन छूटने के एक घंटे के भीतर पूरी करनी होती है। इसके बाद का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाता।

कैसे फाइल करें TDR?

टिकट डिपॉजिट रिसिप्ट (TDR) को IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप से फाइल किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले आपको IRCTC की वेबसाइट पर लॉग इन करना होगा और "My Account" सेक्शन में जाना होगा। वहां आपको यात्रा से संबंधित सभी जानकारी भरनी होती है, जैसे कि ट्रेन छूटने का कारण और यात्रा का विवरण। इसके बाद रेलवे मामले की जांच करता है और निर्णय लिया जाता है कि रिफंड दिया जाएगा या नहीं।

खुद की गलती से ट्रेन छूटने पर क्या होगा?

अगर ट्रेन आपकी गलती से छूटी है तो भी आप रिफंड के लिए आवेदन कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रखें कि इस स्थिति में आपको पूरा पैसा वापस नहीं मिलेगा। रेलवे कुछ फीस और सर्विस चार्ज काटकर बाकी राशि रिफंड करता है। रिफंड की राशि इस बात पर भी निर्भर करती है कि आपने TDR कितनी जल्दी फाइल किया।

रिफंड प्रक्रिया का समय

TDR फाइल करने के बाद, आमतौर पर 7 से 21 दिनों के भीतर रिफंड की प्रक्रिया पूरी हो जाती है। यह राशि उसी खाते में वापस की जाती है, जिससे टिकट बुक किया गया था। कभी-कभी यह प्रक्रिया इससे भी जल्दी पूरी हो सकती है। इसलिए अगर आपने TDR फाइल किया है, तो थोड़ा धैर्य रखना होगा।

रेलवे की गलती पर क्या होता है?

अगर ट्रेन रेलवे की गलती या तकनीकी कारणों से समय से पहले रवाना हो गई हो, और यात्री सफर नहीं कर पाया, तो इस स्थिति में पूरा रिफंड दिया जाता है। इसके लिए आपको TDR में सही कारण भरना होगा। जांच के बाद अगर दावा सही पाया जाता है, तो बिना किसी कटौती के पूरा रिफंड दे दिया जाएगा।