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Up kiran,Digital Desk : नई दिल्ली में Municipal Corporation of Delhi (एमसीडी) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 17,583 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा बजट पास किया है। अनुमानित आय 17,184 करोड़ रुपये रहेगी, जबकि मौजूदा वित्तीय वर्ष की करीब 410 करोड़ रुपये की बचत से घाटे की भरपाई की जाएगी।

कचरा प्रबंधन और लैंडफिल पर सख्त लक्ष्य

सदन में घोषणा की गई कि वर्ष के अंत तक भलस्वा और ओखला लैंडफिल साइट को कचरा मुक्त करने का लक्ष्य है, जबकि अगले वर्ष तक गाजीपुर लैंडफिल खत्म करने की योजना है। राजधानी में प्रतिदिन लगभग 12,000 मीट्रिक टन ठोस कचरा निकलता है। इसके निस्तारण के लिए चार नए टेंडर जारी किए गए हैं और आधुनिक मशीनें अलग-अलग स्थानों पर लगाई जाएंगी।

सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 70 नई मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें बेड़े में शामिल की जाएंगी। हर वार्ड में पिकर मशीनें तैनात होंगी और 1,000 लीटर क्षमता वाली नई मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। सफाई कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि देने की भी घोषणा की गई है।

शिक्षा और सुविधाओं में विस्तार

एमसीडी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की बीमा राशि 50,000 से बढ़ाकर एक लाख रुपये की गई है। फर्नीचर की कमी दूर करने के लिए लगभग 27,000 ड्यूल डेस्क और कुर्सियां खरीदी जाएंगी। स्कूलों में सुरक्षा गार्ड और अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति होगी।

सौर ऊर्जा और बिजली आत्मनिर्भरता

निगम भवनों पर 15-15 मेगावॉट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की योजना है, जिससे बिजली खर्च में कमी और पर्यावरण संरक्षण दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों को टैक्स राहत

49 पूर्णतः ग्रामीण गांवों में 500 वर्ग मीटर तक के पुश्तैनी मकानों को हाउस टैक्स से छूट दी जाएगी। शहरीकृत गांवों में 200 वर्ग मीटर तक आवासीय भवनों को संपत्ति कर से राहत मिलेगी। ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों को समय पर टैक्स जमा करने पर 15% की छूट का प्रावधान है।

कर्मचारियों और पार्षदों के लिए लाभ

एमटीएस कर्मचारियों को समान वेतन का लाभ मिलेगा और पहली बार कैशलेस मेडिकल सुविधा लागू होगी। कर्मचारियों व पेंशनभोगियों को सीजीएचएस दरों पर इलाज मिलेगा। पार्षदों के बैठक भत्ते को 3,000 रुपये करने का प्रस्ताव दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

महिलाओं, युवाओं और दिव्यांगों के लिए योजनाएं

हर वार्ड में विधवा महिलाओं, सिंगल मदर और दिव्यांगों को बेटी की शादी के लिए 21,000 रुपये सहायता दी जाएगी। जरूरतमंद महिलाओं को सिलाई मशीनें और दिव्यांगों को साइकिलें दी जाएंगी। बेरोजगार स्नातकों के लिए नई पार्किंग सुविधाएं विकसित कर लॉटरी सिस्टम से आवंटन किया जाएगा।

महापौर Raja Iqbal Singh ने बजट को ऐतिहासिक और जनहितैषी बताया, जबकि Aam Aadmi Party ने इसे कागजी और जनविरोधी करार दिया।