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Up Kiran,Digital Desk: जैसे-जैसे मौसम में बदलाव हो रहा है, वैसे-वैसे विभिन्न प्रकार की संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है। अस्पतालों में इन दिनों वायरल फीवर और अन्य संक्रमणों से पीड़ित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। विशेष रूप से क्षेत्र के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों, जैसे राजकीय डॉ सुशीला तिवारी अस्पताल और सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में इन मरीजों की तादाद में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।

हस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या

आंकड़ों के अनुसार, इन हल्द्वानी अस्पतालों में हर दिन लगभग 3000 ओपीडी मरीज आते हैं, जिनमें से ज्यादातर वायरल फीवर और संक्रमण संबंधी बीमारियों के मरीज हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बदलते मौसम के साथ शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस समय खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को इन बीमारियों का ज्यादा खतरा है, जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है।

पेट, फेफड़ों और अन्य संक्रमणों का खतरा

मौसम के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाली बीमारी फेफड़ों के संक्रमण, यानी निमोनिया, हो रही है। अचानक बुखार आना, सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द और उल्टी जैसी समस्याएं अब आम हो गई हैं। खासकर बच्चों में इन लक्षणों के साथ मरीज अधिक आ रहे हैं।

डॉ सुशीला तिवारी अस्पताल और सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में ऐसे मामलों की संख्या में वृद्धि हुई है। अस्पताल प्रशासन ने इस बढ़ते मरीजों के मामलों को गंभीरता से लिया है और उपचार के साथ-साथ एहतियात बरतने की सलाह दी है।

डॉक्टरों की सलाह: क्या करें और क्या न करें

फिजिशियन डॉ एचसी पंत का कहना है कि मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए लोगों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अचानक तापमान के बदलाव के कारण गर्म कपड़े पहनने के साथ-साथ खानपान पर भी ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने बताया कि मौसम कभी ठंडा तो कभी गर्म हो जाता है, और यही कारण है कि लोग जल्दी बीमार हो रहे हैं।

डॉ पंत ने यह भी कहा कि बिना किसी डॉक्टर से परामर्श के दवाइयों का सेवन करना खतरनाक हो सकता है। किसी भी बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें और उन्हीं के निर्देशों पर दवाइयों का सेवन करें।

संक्रमण से बचाव के उपाय

समय-समय पर हाथ धोने की आदत डालें।

ठंडी हवाओं से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनें।

पानी उबालकर ही पीएं और ताजे फल व सब्जियों का सेवन करें।

घर से बाहर जाते वक्त मास्क का इस्तेमाल करें, विशेष रूप से बच्चों को।

मौसम बदलने पर अपनी दिनचर्या और खानपान को धीरे-धीरे बदलें।