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UP Kiran Digital Desk : सर्दियों का मौसम आते ही लाइफस्टाइल में कई बदलाव हो जाते हैं। ठंडी हवा, कम धूप, गर्म कपड़ों में ज्यादा समय बिताना और शारीरिक गतिविधि का कम हो जाना सीधे हमारी सेहत पर असर डालता है। ऐसे में सर्दी-जुकाम होना आम बात है, लेकिन कई बार यही छोटी-सी समस्या पूरे दिन की एनर्जी खत्म कर देती है। नाक बंद रहना, गले में जलन, सिर भारी लगना और शरीर में जकड़न जैसी परेशानियां काम और दिनचर्या दोनों को प्रभावित करती हैं। सर्दियों में इम्युनिटी कमजोर पड़ने लगती है, वहीं ठंडी हवा के संपर्क में ज्यादा रहने से कफ जल्दी जम जाता है।

देर तक मोबाइल या लैपटॉप पर काम करना, नींद पूरी न होना और खानपान में लापरवाही भी इन समस्याओं को बढ़ा देती है। ऐसे में जरूरी है कि मौसम के साथ अपनी लाइफस्टाइल में भी सही बदलाव किए जाएं, ताकि सर्दी-जुकाम से बचाव और राहत दोनों मिल सके।

आयुर्वेद का पुराना नुस्खा, आज भी उतना ही असरदार

आयुर्वेद में भाप लेने की प्रक्रिया को स्वेदन कर्म कहा गया है। ये पंचकर्म से पहले शरीर को तैयार करने की एक अहम विधि मानी जाती है। भाप से शरीर को हल्की गर्मी मिलती है, जिससे अंदर जमा टॉक्सिन्स (अमा) पिघलकर बाहर निकलने लगते हैं। यही वजह है कि पुराने समय में दादी-नानी भाप को हर बीमारी की पहली दवा मानती थीं।

भाप क्यों देती है तुरंत राहत

विशेषज्ञों के अनुसार, भाप लेने से कफ और वात दोष संतुलित होते हैं। इससे नाक और गले में जमी गंदगी ढीली पड़ती है, सांस लेने में आसानी होती है और शरीर हल्का महसूस करता है। नियमित भाप लेने से साइनस, एलर्जी, मांसपेशियों की जकड़न और मानसिक तनाव में भी राहत मिलती है।

सर्दी-जुकाम के लिए किचन वाली भाप

अगर नाक बंद है या छाती में कफ जमा है, तो किचन में मौजूद मसाले ही सबसे कारगर इलाज हैं। एक बर्तन में पानी उबालें और उसमें

  • 1 चम्मच अजवाइन
  • 5–7 तुलसी के पत्ते
  • 2–3 लौंग डाल दें। तौलिए से सिर ढककर 5 से 10 मिनट तक भाप लें। ये मिश्रण नाक खोलता है, कफ को पतला करता है और तुरंत आराम देता है।

गले की खराश और खांसी में क्या करें

गले में दर्द, सूजन या लगातार खांसी की समस्या हो तो हल्दी और मुलेठी वाली भाप फायदेमंद मानी जाती है। ये प्राकृतिक एंटीसेप्टिक की तरह काम करती है और गले के संक्रमण को कम करती है। कुछ ही दिनों में आवाज बैठने और जलन की समस्या में राहत मिलने लगती है।

त्वचा और चेहरे के लिए भी है फायदेमंद

भाप सिर्फ सर्दी-जुकाम के लिए ही नहीं, बल्कि स्किन के लिए भी वरदान है। नीम के पत्ते और गुलाबजल की कुछ बूंदें डालकर ली गई भाप रोमछिद्र खोलती है, अतिरिक्त तेल निकालती है और पिंपल्स में आराम देती है। भाप के बाद हल्का मॉइश्चराइज़र लगाना जरूरी है।

तनाव और सिरदर्द में भी कमाल

अगर दिनभर की थकान और तनाव सिरदर्द का कारण बन रहा है, तो लैवेंडर या चंदन के तेल की भाप लें। इसकी खुशबू मन को शांत करती है और गर्म भाप ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती है। रात में भाप लेने से नींद भी अच्छी आती है।