Up kiran,Digital Desk : आजकल बाथरूम सिर्फ़ बाथरूम नहीं रह गया है, यह हमारा पर्सनल ‘न्यूज़ रूम’, ‘सिनेमा हॉल’ और ‘चैटिंग कॉर्नर’ बन गया है। हम में से ज़्यादातर लोगों की यह आदत बन चुकी है कि बिना फ़ोन के टॉयलेट में जाना ही अधूरा लगता है।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि टॉयलेट सीट पर बैठकर घंटों तक रील्स स्क्रॉल करने की यह आदत आपके लिए कितनी ख़तरनाक हो सकती है? यह सिर्फ़ समय की बर्बादी नहीं है, बल्कि यह आपको एक बहुत ही दर्दनाक और गंभीर बीमारी- बवासीर (Piles) की ओर धकेल रही है।
एक स्टडी ने खोला बड़ा राज़
हाल ही में अमेरिका में हुई एक स्टडी में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है। इस स्टडी के मुताबिक, जो लोग टॉयलेट में फ़ोन इस्तेमाल करते हैं, उनमें बवासीर होने का ख़तरा दूसरों के मुक़ाबले 46% तक ज़्यादा पाया गया। यह ख़तरा ख़ासकर युवाओं में तेज़ी से बढ़ रहा है।
फोन चलाने और बवासीर में क्या कनेक्शन है?
असल में, दिक़्क़त फ़ोन चलाने से नहीं, बल्कि फ़ोन के चक्कर में लंबे समय तक टॉयलेट सीट पर बैठे रहने से है। जब आप रील्स या वीडियो देखने में खो जाते हैं, तो आपको पता ही नहीं चलता कि कब 5 मिनट के 15-20 मिनट हो गए।
जब आप लंबे समय तक उस पोजीशन में बैठे रहते हैं, तो आपके निचले हिस्से की नसों पर बहुत ज़्यादा दबाव पड़ता है। धीरे-धीरे ये नसें सूज जाती हैं और बवासीर का रूप ले लेती हैं। तो समस्या फ़ोन में नहीं, बल्कि उसके कारण बढ़ी हुई आपकी 'सिटिंग टाइम' में है।
आज ही बदल दें यह ख़तरनाक आदत
- सबसे ज़रूरी नियम: फ़ोन को बाथरूम के बाहर ही छोड़ दीजिए।
- एक टाइमर सेट करें: कोशिश करें कि टॉयलेट में 5 से 10 मिनट से ज़्यादा न बैठें।
- खान-पान सुधारें: अपनी डाइट में सलाद, फल और साबुत अनाज जैसी फाइबर वाली चीज़ें शामिल करें, ताकि पेट साफ़ रहे।
- पानी और कसरत: ख़ूब पानी पिएँ और रोज़ थोड़ा-बहुत व्यायाम करें।
आपकी एक छोटी-सी आदत आपको एक बड़ी और दर्दनाक बीमारी से बचा सकती है। तो अगली बार जब टॉयLET जाएँ, तो फ़ोन को उसकी सही जगह, यानी बाहर ही छोड़कर जाएँ।




