UP Kiran,Digital Desk: न्यू जर्सी के वॉल टाउनशिप हाई स्कूल में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त विश्वास को गहरे धक्का दिया है। 37 वर्षीय जूली रिजिटेलो, जो कि इस स्कूल में अंग्रेजी की शिक्षिका थीं, उसको अपने ही दो नाबालिग छात्रों का यौन शोषण करने और मानसिक प्रताड़ना देने के आरोप में 10 साल की सजा सुनाई गई है। इस घिनौने कृत्य ने न केवल न्यायपालिका को विचलित किया, बल्कि समाज में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
शिक्षिका का विश्वासघात, मासूम छात्र का जीवन बर्बाद
यह मामला 2017 से शुरू हुआ, जब जूली ने एक 14-15 साल के छात्र को अपना शिकार बनाया। उसने पहले छात्र का विश्वास जीता और धीरे-धीरे उसे अपने घर बुलाने लगी। वहां वह उसे पढ़ाई के बहाने घंटों बातें करती। इसके बाद 2018 में छात्र के जन्मदिन पर जूली ने उसे अपने जाल में फंसाया और शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर कर दिया। यह एक शिक्षक-छात्र के रिश्ते के विश्वास को तोड़ने वाला कदम था, जिसने छात्र के मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित किया।
जूली की क्रूरता यहीं पर नहीं रुकी। शारीरिक संबंध बनाने के बाद उसने छात्र से झूठ बोलकर उसे भावनात्मक रूप से तबाह कर दिया। जूली ने दावा किया कि वह गर्भवती है और बच्चे का पिता वही छात्र है, न कि उसका पति। इस बात ने छात्र को पूरी तरह से भ्रमित कर दिया और अपराधबोध में डुबो दिया। कुछ समय बाद, उसने छात्र को बताया कि उसने गर्भपात करवा लिया है। यह मानसिक शोषण छात्र के लिए एक अभूतपूर्व दर्द का कारण बना, जो वर्षों तक उससे उबर नहीं सका।




