Up kiran,Digital Desk : बिहार की राजनीति के सबसे 'अनप्रिडिक्टेबल' नेता और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने एक बार फिर सियासी गलियारों में भूकंप ला दिया है। तेज प्रताप ने इस बार सीधे कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनकी नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि INDIA गठबंधन को संभालना राहुल गांधी के बस की बात नहीं है, इसकी कमान प्रियंका गांधी को मिलनी चाहिए क्योंकि उनमें अपनी दादी इंदिरा गांधी की छवि और क्षमता दिखती है।
"यात्रा निकालने या बुलेट पर बैठने से नहीं चलता गठबंधन"
मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए तेज प्रताप यादव ने राहुल गांधी की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी जी से चलने वाला नहीं है। केवल यात्रा निकालने से या बुलेट पर बैठ जाने से राजनीति नहीं चलती। वह जो कुकिंग कर रहे थे और मीट-मुर्गा बना रहे थे, वही बनाते रहें।" तेज प्रताप का यह बयान राहुल गांधी के उन हालिया वीडियो और जनसंपर्क अभियानों की ओर इशारा था जिसमें वे आम लोगों के बीच जाकर खाना बनाते और बुलेट चलाते नजर आए थे।
प्रियंका गांधी में दिखी 'इंदिरा' वाली छवि
तेज प्रताप ने प्रियंका गांधी का खुलकर समर्थन करते हुए उन्हें विपक्षी गठबंधन के लिए सबसे उपयुक्त चेहरा बताया। उन्होंने तर्क दिया, "प्रियंका गांधी ही इसे चला सकती हैं। वह बिल्कुल इंदिरा गांधी जी की तरह हैं।" गौरतलब है कि तेज प्रताप यादव पिछले कुछ समय से अपनी ही पार्टी (आरजेडी) और सहयोगियों के प्रति बागी रुख अपनाए हुए हैं। बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी अलग पार्टी 'जनसत्ता दल' बनाकर मैदान में उतरने वाले तेज प्रताप हालांकि खुद चुनाव हार गए थे, लेकिन उनके बयानों की धार आज भी कम नहीं हुई है।
नीतीश कुमार और बिहार को लेकर राहुल पर कसा तंज
नीतीश कुमार के पाला बदलने और मुख्यमंत्री पद छोड़ने के मुद्दे पर राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयानों पर भी तेज प्रताप ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, "नीतीश कुमार के जाने पर राहुल गांधी कह रहे हैं कि वह दबाव में थे। राहुल गांधी इन्हीं सब चीजों में फंसे रहेंगे। उन्हें बिहार को लेकर इतना लालच क्यों लग रहा है? क्या उन्हें यहां मुख्यमंत्री बनना है?" तेज प्रताप ने राहुल गांधी की मंशा पर सवाल उठाते हुए उन्हें बिहार की राजनीति से दूर रहने की नसीहत तक दे डाली।
आरजेडी की आंतरिक कलह आई सामने
तेज प्रताप का यह बयान विपक्षी एकता और आरजेडी के भीतर चल रही खींचतान को फिर से उजागर कर रहा है। जहां तेजस्वी यादव और राहुल गांधी के बीच गहरे संबंध माने जाते हैं, वहीं बड़े भाई तेज प्रताप का यह हमला गठबंधन की गांठों को और ढीला कर सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेज प्रताप का यह 'प्रियंका कार्ड' न केवल कांग्रेस के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की बहस छेड़ सकता है, बल्कि बिहार में आरजेडी के लिए भी नई मुसीबतें खड़ी कर सकता है।



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