img

Up Kiran, Digital Desk: बिहार की सियासत में नया मोड़ आ गया है। राष्ट्रीय जनता दल यानी राजद के युवा नेता तेजस्वी यादव अब 18वीं बिहार विधानसभा में आधिकारिक तौर पर नेता प्रतिपक्ष बन गए हैं। शनिवार को पटना के पोलो रोड स्थित एक घर में महागठबंधन के सारे विधायकों की अहम बैठक हुई। इस मीटिंग में राजद, कांग्रेस और वाम दलों के सभी विधायकों ने एक स्वर में तेजस्वी के नाम पर सहमति जताई।

बैठक के बाद जो तस्वीर सामने आई उसमें सभी नेता एकजुट नजर आए। हालांकि इस बार विपक्ष की हालत बेहद कमजोर है। महागठबंधन के पास कुल सिर्फ 35 सीटें बची हैं। इनमें राजद के 25, कांग्रेस के 6 और वाम दलों के 4 विधायक शामिल हैं। दूसरी तरफ सत्ता में काबिज एनडीए के पास 202 विधायकों का भारी भरकम बहुमत है।

फिर भी हार नहीं मानी जा रही। राजद के वरिष्ठ नेता भाई वीरेंद्र ने साफ कहा, “संख्या भले ही कम हो लेकिन हौसला बुलंद है। जनता के हक की लड़ाई सड़क से सदन तक जारी रहेगी। सरकार की हर गलत नीति का डटकर मुकाबला करेंगे।

माले के विधायक अजय कुमार ने भी यही बात दोहराई। उनका कहना था कि विपक्ष अब पूरी तरह संगठित है। शीतकालीन सत्र में सरकार को हर मुद्दे पर घेरा जाएगा। रचनात्मक विरोध के साथ जनता के सवालों को जोरशोर से उठाया जाएगा।

दिलचस्प बात यह है कि विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस और राजद में खटपट की खबरें उड़ रही थीं। लेकिन नेता प्रतिपक्ष के नाम पर कोई विवाद नहीं हुआ। सभी दलों ने तेजस्वी के नेतृत्व में एकजुट हो गए।