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Up Kiran, Digital Desk: बिहार का चुनावी पारा चढ़ने लगा है और अब इसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की भी एंट्री हो गई है. सोमवार को बिहार पहुंचे सीएम मोहन यादव ने पटना और मधुबनी में एनडीए उम्मीदवारों के पक्ष में ताबड़तोड़ चुनावी सभाएं कीं. अपने भाषणों में उन्होंने विकास और राष्ट्रवाद का मुद्दा तो उठाया ही, लेकिन उनके निशाने पर मुख्य रूप से कांग्रेस पार्टी रही. उन्होंने कांग्रेस के इतिहास से लेकर उसकी नीतियों तक पर जमकर हमला बोला.

कांग्रेस ने हमेशा राम मंदिर का विरोध किया

मधुबनी की सभा में मोहन यादव ने अयोध्या के राम मंदिर का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस को घेरा. उन्होंने कहा, कांग्रेस ने 70 सालों तक अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में बाधा डाली. जब मंदिर बना और प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन हुआ, तो कांग्रेस के नेताओं ने इसे एक निजी कार्यक्रम  बताकर निमंत्रण को ठुकरा दिया.

उन्होंने जनता से सीधा सवाल किया, जिसने भगवान राम का विरोध किया, उसका बिहार की धरती पर क्या काम है?

ये परिवारवाद की पार्टी है

पटना में एक सभा को संबोधित करते हुए, सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है जहां सिर्फ एक ही परिवार का राज चलता है. उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया का उदाहरण देते हुए कहा कि कैसे कांग्रेस में पुराने और समर्पित नेताओं को नजरअंदाज किया जाता है, जिसके कारण उन्हें पार्टी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ता है.

यादव वोटरों को साधने की कोशिश

मोहन यादव ने अपने भाषणों में खुद के यादव समुदाय से होने का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ही एक ऐसी पार्टी है जिसने मुझ जैसे एक साधारण यादव परिवार के व्यक्ति को मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य का मुख्यमंत्री बनाया. उन्होंने कहा कि बीजेपी में योग्यता और काम को महत्व दिया जाता है, परिवार को नहीं. उनका यह बयान बिहार के यादव मतदाताओं को एनडीए की ओर आकर्षित करने की एक बड़ी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है.

मोहन यादव ने एनडीए सरकार के विकास कार्यों की तारीफ करते हुए कहा कि आज बिहार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस विकास की रफ्तार को बनाए रखने के लिए एनडीए के उम्मीदवारों को भारी मतों से विजयी बनाएं.