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Up kiran,Digital Desk : कई बार कड़ी मेहनत के बावजूद करियर में वह मुकाम नहीं मिल पाता जिसके हम हकदार होते हैं। कभी प्रमोशन रुक जाता है, तो कभी अचानक नौकरी जाने की नौबत आ जाती है। हस्तरेखा शास्त्र (Palmistry) के अनुसार, हमारे हाथ की लकीरें इन उतार-चढ़ावों का संकेत बहुत पहले ही दे देती हैं। यदि समय रहते इन संकेतों को समझ लिया जाए, तो हम मानसिक रूप से तैयार होकर सही कदम उठा सकते हैं।

हस्तरेखा विज्ञान में करियर और सफलता का सीधा संबंध 'भाग्य रेखा' (Fate Line) से होता है। आइए जानते हैं हाथ में इस रेखा की स्थिति क्या कहती है।

कहां होती है भाग्य रेखा?

भाग्य रेखा हमारे हाथ में कलाई (मणिबंध) के पास से शुरू होती है और हथेली के बीचों-बीच से गुजरते हुए सबसे लंबी उंगली यानी मध्यमा उंगली (Middle Finger) के नीचे स्थित शनि पर्वत तक जाती है।

यदि यह रेखा गहरी, स्पष्ट और बिना कटे-फटे शनि पर्वत तक पहुँचती है, तो व्यक्ति को करियर में अपार सफलता और स्थिरता मिलती है।

टूटी हुई भाग्य रेखा: संघर्ष और रुकावट का संकेत

यदि किसी व्यक्ति की भाग्य रेखा कलाई से शुरू होकर बीच में कहीं टूट जाती है, तो यह करियर में बड़े उतार-चढ़ाव का संकेत है।

असर: ऐसे व्यक्ति को सफलता आसानी से नहीं मिलती। उन्हें एक ही काम के लिए दूसरों से दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है।

रुकावट: अक्सर ऐसे लोगों के बनते हुए काम आखिरी वक्त पर बिगड़ जाते हैं। हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, रेखा का टूटना यह बताता है कि उस विशेष आयु में व्यक्ति को आर्थिक नुकसान या करियर में बदलाव का सामना करना पड़ेगा।

कटी-फटी या लहरदार रेखा: मन का भटकाव

अगर भाग्य रेखा सीधी न होकर टेढ़ी-मेढ़ी (लहरदार) है या इसे कई छोटी रेखाएं काट रही हैं, तो यह अस्थिरता की निशानी है।

बार-बार नौकरी बदलना: ऐसे लोग किसी एक काम या नौकरी में टिक नहीं पाते। इनका मन जल्दी भटक जाता है और कार्यस्थल पर असंतुष्टि के कारण ये बार-बार प्रोफेशन बदलते रहते हैं।

मानसिक तनाव: उलझी हुई रेखाएं व्यक्ति के जीवन में कंफ्यूजन पैदा करती हैं, जिससे वह सही समय पर सही निर्णय नहीं ले पाता।

हल्की से गहरी होती रेखा: 'देर आए दुरुस्त आए'

अगर आपकी भाग्य रेखा शुरुआत में बहुत हल्की या धुंधली है, लेकिन आगे चलकर (हथेली के ऊपरी हिस्से में) गहरी और साफ हो जाती है, तो घबराने की जरूरत नहीं है।

यह इस बात का संकेत है कि आपके जीवन का शुरुआती समय संघर्षपूर्ण रहेगा, लेकिन 30 से 35 वर्ष की आयु के बाद आपका करियर तेजी से ग्राफ पकड़ेगा और आपको समाज में मान-सम्मान व धन की प्राप्ति होगी।

उपाय: कैसे सुधारें अपना भाग्य?

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, कर्मों और आदतों से हाथ की रेखाओं के प्रभाव को बदला जा सकता है।

धैर्य रखें: जिनकी भाग्य रेखा टूटी हुई है, उन्हें विपरीत परिस्थितियों में शांत रहना चाहिए।

शनि देव की आराधना: शनिवार को पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

मेहनत में कमी न करें: स्पष्ट भाग्य रेखा न होने पर केवल 'कर्म' ही भाग्य को बदलने की शक्ति रखता है।