Up Kiran, Digital Desk: इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट में भारत को हार जरूर मिली, मगर यह मुकाबला लंबे समय तक याद रखा जाएगा। हार के पीछे कारण क्या थे, टीम कहां गलत हुई, मैच कब और कैसे पलटा। इन सवालों पर खूब बहस हो रही है, चाहे सोशल मीडिया हो, आम बातचीत या मीडिया रिपोर्ट्स। मगर इस हार के एक अहम कारण पर शायद ही कोई ध्यान दे रहा है अतिरिक्त रन। भारत ने इंग्लैंड को दोनों पारियों में कुल 63 अतिरिक्त रन गिफ्ट किए और इसी वजह से 22 रन से हारना पड़ा।
भारत को मिली 229 रन की बढ़त
इंग्लैंड ने जिस अंतर से लॉर्ड्स टेस्ट जीता, उससे तीन गुना अधिक अतिरिक्त रन भारतीय गेंदबाजों ने मेजबानों को गिफ्ट कर दिए थे।
लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला किया और पहली पारी में 387 रन बनाए। इस दौरान अतिरिक्त रन छठे सबसे बड़े योगदान थे। जो रूट ने 104, ब्राइडन कार्स 56, जैमी स्मिथ 51, वही ओली पोप और बेन स्टोक्स ने 44-44 रन बनाए। भारतीय गेंदबाजों ने 31 अतिरिक्त रन दिए।
जवाब में भारत ने पहली पारी में भी 387 रन बनाए, वही इंग्लैंड ने केवल 12 अतिरिक्त रन दिए।
इंग्लैंड की दूसरी पारी 192 रन पर खत्म हुई, जिसमें तीसरा सबसे बड़ा योगदान भारतीय गेंदबाजों द्वारा दिए गए 32 अतिरिक्त रन थे। इंग्लैंड को जीत के लिए 193 रन का लक्ष्य मिला, मगर भारत की टीम 170 रन पर आउट हो गई और 22 रन से मैच हार गया। इस मैच में भारत के गेंदबाजों ने कुल 63 अतिरिक्त रन दिए, वही इंग्लैंड ने कुल 30।
लॉर्ड्स में इस हार के बाद भारत अब 5 टेस्ट मैच की श्रृंखला में 1-2 से पीछे हो गया है। पहले टेस्ट में भारत को हार मिली थी, हालांकि उस मैच में भारतीय बल्लेबाजों ने 5 शतक जड़े थे। दूसरे टेस्ट में भारत ने जोरदार वापसी करते हुए इंग्लैंड को 336 रन से हराया। अगर लॉर्ड्स टेस्ट में इतनी अतिरिक्त रन नहीं दी गई होती तो भारत श्रृंखला में 2-1 की बढ़त बना सकता था। अभी दो मैच बाकी हैं और टीम मैनेजमेंट को इस कमजोरी पर ध्यान देना जरूरी होगा।


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