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यूपी में पिछले नौ वर्षों में विकास के बड़े कदम उठाए गए हैं, और अब राज्य की जनता सरकार से और अधिक अपेक्षाएँ रखती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन उम्मीदों को पूरा करने का संकल्प लिया है और कहा है कि सरकार की प्राथमिकता जनहित के कामों में निरंतर सुधार और प्रगति लाना है। मुख्यमंत्री ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर एक अहम बैठक में अपने दृष्टिकोण को साझा किया।

बजट का फोकस होगा लोककल्याण
सीएम योगी आदित्यनाथ ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि 2026-27 का बजट गरीबों, किसानों, महिलाओं, श्रमिकों और वंचित वर्गों के लिए लाभकारी होना चाहिए। उनका कहना था कि इस बजट का उद्देश्य राज्य के लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाना है। इस संदर्भ में, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बजट में हर वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार किए जाएं।

विभागों के बजट प्रस्तावों पर चर्चा
बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के बजट प्रस्तावों पर विस्तार से विचार किया। उन्होंने अधिकारियों से चालू वित्तीय वर्ष में स्वीकृत बजट और खर्च की जानकारी भी ली। साथ ही, केंद्रीय बजट के तहत उत्तर प्रदेश के लिए कोई विशेष प्रावधान आएं तो उन्हें ध्यान में रखते हुए राज्य बजट में सुधार करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री का सुरक्षा और न्याय पर जोर
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को राज्य के विकास की नींव बताया। उनका कहना था कि अगर प्रदेश में सुरक्षा का माहौल मजबूत रहेगा तो निवेश और विकास दोनों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से जुड़े विभागों से कहा कि उनके बजट प्रस्ताव ऐसे हों, जो जन-सुरक्षा को और मजबूत करें और लोगों के विश्वास को कायम रखें।

समाजिक सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं पर जोर
2026-27 के बजट प्रस्तावों में विशेष ध्यान उन योजनाओं पर दिया गया है जो समाज के सभी वर्गों, खासकर गरीब और पिछड़े हुए समुदायों की मदद करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में ऐसी योजनाओं का प्रस्ताव दिया जाए, जिनका लाभ सीधे उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।