Up kiran,Digital Desk : मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी युद्ध और तनाव के बीच भारत में ईंधन की कमी की अफवाहों पर केंद्र सरकार ने पूर्ण विराम लगा दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में कच्चे तेल और एलपीजी (LPG) का पर्याप्त भंडार मौजूद है। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे पैनिक न करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बुधवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर पूरी स्थिति साफ कर दी।
पेट्रोल-डीजल: कीमतों में स्थिरता और भरपूर सप्लाई
पिछले कुछ दिनों में देश के कई हिस्सों, विशेषकर उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गई थीं। इस पर सरकार ने साफ किया कि:
कीमतें स्थिर: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
रिफाइनिंग क्षमता: देश की वार्षिक रिफाइनिंग क्षमता लगभग 26 करोड़ टन है और सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।
टर्मिनलों में स्टॉक: पेट्रोलियम टर्मिनलों पर तेल का पर्याप्त स्टॉक है, इसलिए किसी भी पेट्रोल पंप पर कमी की बात महज एक अफवाह है।
LPG के लिए बड़ा फैसला: कॉमर्शियल कोटा 20% से बढ़ाकर 50% किया
एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने 21 मार्च को एक बड़ा नीतिगत बदलाव किया है।
कॉमर्शियल एलपीजी: व्यावसायिक एलपीजी की मात्रा को 20% से बढ़ाकर 50% कर दिया गया है ताकि होटलों, ढाबों और औद्योगिक कैंटीनों को निर्बाध आपूर्ति मिले।
आवंटन: अब तक 26 राज्यों को लगभग 22 हजार टन अतिरिक्त कॉमर्शियल एलपीजी आवंटित की जा चुकी है।
घरेलू एलपीजी: घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है। ऑनलाइन बुकिंग का स्तर 92% है और होम डिलीवरी पूरी तरह सामान्य रूप से चल रही है।
PNG और CNG पर सरकार का जोर
सरकार अब उपभोक्ताओं को एलपीजी से पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) पर शिफ्ट करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है:
नए कनेक्शन: पिछले 25 दिनों में 2.5 लाख नए पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं।
प्रोत्साहन: सीएनजी और पीएनजी कंपनियां 500 रुपये तक की फ्री गैस या सिक्योरिटी डिपॉजिट माफी जैसे ऑफर दे रही हैं।
आसान नियम: सरकार ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर पीएनजी मंजूरी की समयसीमा और आवेदन शुल्क को सरल बना दिया है।
अफवाहों से बचें, सामान्य रूप से करें बुकिंग
संयुक्त सचिव ने जोर देकर कहा कि नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार राज्यों को अतिरिक्त 10% व्यावसायिक एलपीजी देने के लिए भी तैयार है, बशर्ते वे पीएनजी विस्तार में सहयोग करें। सभी कदम सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं और देश की ईंधन व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित है।




