UP Kiran,Digital Desk: भारतीय संस्कृति में रसोई सिर्फ भोजन बनाने का स्थान नहीं है, बल्कि इसे घर का सबसे पवित्र और आध्यात्मिक स्थान माना जाता है। यहां सिर्फ स्वादिष्ट भोजन नहीं बनता, बल्कि यह घर की सेहत, सुख और समृद्धि से भी जुड़ा हुआ है। हिंदू धर्म के शास्त्रों में इसे लेकर कई महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं, जो न केवल घर को शुद्ध करती हैं, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा और आर्थिक समृद्धि भी लाती हैं। गरुड़ पुराण में रसोई से जुड़ी कुछ विशेष बातें और धार्मिक नियमों का उल्लेख किया गया है, जिन्हें अपनाकर लोग अपने घरों में लक्ष्मी की कृपा पा सकते हैं।
रसोई की शुरुआत में पूजा का महत्व
गरुड़ पुराण के अनुसार, भोजन बनाने से पहले भगवान का ध्यान करना जरूरी होता है। रसोई को एक पवित्र स्थान मानते हुए चूल्हा जलाने से पहले छोटे से प्रार्थना करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। भोजन तैयार होने के बाद पहला कौर भगवान को अर्पित करना एक महत्वपूर्ण धार्मिक कृत्य है। कुछ लोग इसे थाली के एक कोने में रखकर अर्पित करते हैं, जबकि अन्य मानसिक रूप से इसे अर्पित करते हैं। इससे घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है और किसी भी प्रकार की आर्थिक कठिनाइयों का निवारण होता है।
रसोई में स्वच्छता का धार्मिक पहलू
भारतीय शास्त्रों में यह कहा गया है कि स्वच्छता केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी आवश्यक है। खासकर रसोई में साफ-सफाई का ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। घर की रसोई को साफ और व्यवस्थित रखने से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है, बल्कि घर में लक्ष्मी की कृपा भी बनी रहती है। हर रोज रसोई की सफाई, बर्तन धोना, काउंटर को साफ रखना और फर्श को संजोना नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है। गंदगी और बिखरे हुए सामान से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, जिससे समृद्धि में कमी आ सकती है।
तुलसी के धार्मिक नियम
तुलसी का पौधा भारतीय घरों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। गरुड़ पुराण में तुलसी के पौधे से जुड़े कुछ नियम बताए गए हैं। इसे बिना स्नान किए छूना या तोड़ना धार्मिक दृष्टि से अशुद्ध माना जाता है। खासकर रविवार, एकादशी, संक्रांति या शाम के समय तुलसी की पत्तियां तोड़ने से बचना चाहिए। इस समय में तुलसी का पौधा विश्राम करता है। इसके अलावा, सूर्योदय के समय तुलसी को जल अर्पित करना शुभ माना जाता है, जिससे घर में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। तुलसी के आसपास की स्वच्छता का ध्यान रखना भी जरूरी है। इसके सामने जूते-चप्पल न रखें और कूड़ा न फेंके, क्योंकि इससे समृद्धि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।



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