Up Kiran, Digital Desk: भारत के अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने आईपीएल के दौरान एक नई गेंदबाजी भूमिका को अपनाया, जो न केवल उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण रही, बल्कि पूरे क्रिकेट जगत में स्पिन गेंदबाजों के लिए भी एक नया रास्ता खोल दिया। चहल ने राजस्थान रॉयल्स के पूर्व कप्तान संजू सैमसन को श्रेय देते हुए कहा कि सैमसन की कप्तानी ने उन्हें डेथ ओवरों में सफलता पाने की दिशा दिखाई।
आम तौर पर आईपीएल जैसे टी20 टूर्नामेंट में डेथ ओवर तेज गेंदबाजों के लिए निर्धारित होते हैं। लेकिन सैमसन ने इस पारंपरिक सोच को चुनौती दी और चहल को डेथ ओवरों में गेंदबाजी करने की जिम्मेदारी दी। यह निर्णय न केवल चहल के लिए बल्कि पूरे टीम के लिए फायदेमंद साबित हुआ। चहल ने खुद को इस चुनौती के लिए तैयार किया और कई मैचों में निर्णायक भूमिका निभाई।
चहल की गेंदबाजी में निखार कैसे आया
चहल ने खुद माना कि डेथ ओवरों में गेंदबाजी करने से उनकी गेंदबाजी में काफी सुधार हुआ। पहले यह जिम्मेदारी उनके लिए मुश्किल थी, लेकिन सैमसन के विश्वास ने उन्हें आत्मविश्वास दिया। उन्होंने कहा कि सैमसन कभी भी दबाव डालने की बजाय गेंदबाजों को अपनी ताकत के हिसाब से गेंदबाजी करने का मौका देते थे, जिसके कारण चहल की गेंदबाजी में निरंतरता आई।
2022 से 2024 तक राजस्थान रॉयल्स के साथ चहल का सफर बेहद शानदार रहा। इस दौरान उन्होंने 66 विकेट हासिल किए और अपनी टीम के सबसे महत्वपूर्ण गेंदबाज बन गए।




