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Up kiran,Digital Desk : गोवा, जो अपनी रौनक और पार्टियों के लिए जाना जाता है, इस वक्त मातम में डूबा है। यहां के मशहूर रोमियो लेन क्लब की एक ब्रांच में लगी आग ने 25 लोगों की जान ले ली, जिनमें से ज्यादातर वहां काम करने वाले कर्मचारी ही थे। इस दर्दनाक हादसे के बाद सरकार हरकत में आ गई है और क्लब के मालिकों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।

क्लब के 4 बड़े अफसर गिरफ्तार, मालिक दिल्ली में छिपे?

मामला उत्तरी गोवा के अर्पोरा इलाके के 'बर्च बाय रोमियो लेन' नाइटक्लब का है, जहां शनिवार देर रात आग लग गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए क्लब के चार बड़े अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें जनरल मैनेजर से लेकर बार मैनेजर तक शामिल हैं। अदालत ने इन चारों को छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है ताकि उनसे पूरी सच्चाई उगलवाई जा सके।

वहीं, क्लब के असली मालिक और प्रमोटर, सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा, अब भी फरार हैं। गोवा पुलिस की एक टीम उन्हें ढूंढने के लिए दिल्ली पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने साफ कहा है कि मालिकों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें गिरफ्तार करके ही रहेंगे।

सरकार का एक्शन: 3 बड़े अधिकारी सस्पेंड, क्लब की दूसरी ब्रांच भी सील

इस हादसे ने गोवा सरकार के कामकाज पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में पता चला है कि क्लब के पास फायर डिपार्टमेंट से एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) तक नहीं था। आखिर बिना सुरक्षा इंतजामों के यह क्लब चल कैसे रहा था? इसी सवाल के जवाब में सरकार ने तीन बड़े सरकारी अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने 2023 में नियमों को ताक पर रखकर क्लब को चलाने की इजाजत दी थी।

इसके अलावा, रोमियो लेन चेन के दो और क्लब और एक ढाबे को भी प्रशासन ने सील कर दिया है, क्योंकि वे भी किसी न किसी विवाद में शामिल थे।

कैसे हुआ यह जानलेवा हादसा?

शुरुआती जांच और चश्मदीदों के मुताबिक, आग लगने की वजह क्लब के अंदर जलाई गई आतिशबाजी हो सकती है। शनिवार रात करीब पौने ग्यारह बजे जब क्लब खचाखच भरा था और लोग डांस कर रहे थे, तभी आतिशबाजी की गई, जिससे आग भड़क गई। हालात तब और भी बदतर हो गए जब लोगों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला।

  • पतली गलियां: क्लब तक जाने वाली गलियां इतनी संकरी थीं कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां अंदर तक नहीं पहुंच पाईं।
  • छोटे दरवाजे: बाहर निकलने के दरवाजे बहुत छोटे थे, जिससे भगदड़ मच गई।
  • दम घुटने से मौतें: ज्यादातर लोगों की मौत आग में जलने से नहीं, बल्कि धुएं में दम घुटने से हुई, क्योंकि वे ग्राउंड फ्लोर और किचन में फंसकर रह गए थे।

सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान, विपक्ष ने मांगा इस्तीफा

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने मृतकों के परिवार वालों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है। उन्होंने मामले की जांच के लिए एक कमेटी भी बना दी है, जिसे एक हफ्ते के अंदर अपनी रिपोर्ट देनी होगी।

इस घटना को लेकर अब राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता बताया है। वहीं, विपक्षी पार्टियों ने मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है।