Up Kiran, Digital Desk: अगर आप भी अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या गाड़ी के कागजात DigiLocker में रखते हैं तो ये खबर आपके लिए बेहद गंभीर है। भारत सरकार ने साफ-साफ चेतावनी जारी कर दी है कि बाजार में कई नकली DigiLocker ऐप घूम रहे हैं जो आपका सारा निजी डाटा चुरा सकते हैं।
डिजिटल इंडिया के आधिकारिक एक्स हैंडल से पोस्ट करके सरकार ने बताया कि कुछ धोखेबाज लोग फर्जी ऐप बनाकर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति वो गलत ऐप डाउनलोड करता है और अपने असली लगने वाले पेज पर अपना आधार नंबर या OTP डालता है, सारा डाटा हैकर्स के हाथ चला जाता है।
सरकार ने सबसे बड़ी सलाह ये दी है – ऐप डाउनलोड करने से पहले डेवलपर का नाम जरूर चेक करें। असली DigiLocker ऐप सिर्फ और सिर्फ “Ministry of Electronics & IT” या “MeitY” के नाम से आता है। अगर डेवलपर का नाम कुछ और दिख रहा है तो तुरंत पीछे हट जाएं।
पंजाब, हरियाणा, दिल्ली समेत पूरे देश में पिछले कुछ महीनों में साइबर ठगी के हजारों केस सामने आए हैं जहां लोग फेक DigiLocker ऐप के चक्कर में अपने सारे जरूरी कागजात गंवा बैठे। कई लोगों के बैंक अकाउंट तक खाली हो गए क्योंकि हैकर्स ने आधार से लिंक मोबाइल नंबर हैक कर लिया।
क्या करें अगर गलती से नकली ऐप डाउनलोड हो गया?
- सबसे पहले फोन से वो ऐप तुरंत अनइंस्टॉल कर दें
- जिस जिस अकाउंट में लॉगिन किया था उसका पासवर्ड फौरन बदलें
- बैंक अकाउंट, UPI ऐप और ईमेल का पासवर्ड भी तुरंत चेंज करें
- साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत जरूर दर्ज करें
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