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Up kiran,Digital Desk : रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप का कहना है कि रूस और यूक्रेन दोनों ही अब युद्ध खत्म कर समझौते की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि शांति कराने के प्रयास “काफी हद तक सफल” हो चुके हैं, हालांकि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच गहरी दुश्मनी अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

दावोस से दुनिया को संदेश

विश्व आर्थिक मंच (WEF) की 56वीं वार्षिक बैठक में दावोस से बोलते हुए ट्रंप ने रूस-यूक्रेन संघर्ष, नाटो और अमेरिका की भूमिका पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की के बीच तीखी नफरत जरूर है, लेकिन इसके बावजूद समाधान संभव है।

ट्रंप ने कहा, “मैंने आठ से ज्यादा युद्ध सुलझाए हैं। कुछ तो घंटों में ही खत्म करवा दिए। यह भी ऐसा ही युद्ध है, जिसे सुलझाया जा सकता है। दोनों पक्ष समझौता चाहते हैं और हम इसके बहुत करीब हैं।”

‘अगर मैं राष्ट्रपति होता तो युद्ध नहीं होता’

ट्रंप ने एक बार फिर यह दावा दोहराया कि अगर वह उस समय अमेरिका के राष्ट्रपति होते, तो रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू ही नहीं होता। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में लाखों लोगों की जान जा चुकी है और इसे रोकना पूरी दुनिया की जिम्मेदारी है।

नाटो पर साधा निशाना

अपने भाषण में ट्रंप ने नाटो पर भी कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नाटो अमेरिका के साथ “बहुत अन्यायपूर्ण” व्यवहार करता है। ट्रंप के मुताबिक, यूक्रेन युद्ध की जिम्मेदारी यूरोप और नाटो की ज्यादा है, न कि अमेरिका की।

उन्होंने सवाल उठाया कि इस युद्ध में अमेरिका को आखिर मिला क्या—“मौत, तबाही और उन लोगों को अरबों डॉलर देना, जो हमारी सराहना तक नहीं करते?”

यूक्रेन शांति यूरोप की जिम्मेदारी

ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि यूक्रेन संकट को सुलझाना यूरोप और नाटो की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। अमेरिका भौगोलिक रूप से काफी दूर है और उसके और यूरोप के बीच एक “विशाल महासागर” है।

जेलेंस्की से सीधी बातचीत

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि वह यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की से सीधे बातचीत कर रहे हैं और उन्हें लगता है कि जेलेंस्की समझौता चाहते हैं। उन्होंने संकेत दिए कि जल्द ही दोनों नेताओं की मुलाकात हो सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी दौरान ट्रंप के विदेश दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर के मॉस्को दौरे की भी योजना है, जहां वे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत कर सकते हैं।

‘अब फैसला करना होगा’

ट्रंप ने कहा कि पुतिन और जेलेंस्की अब ऐसे मोड़ पर हैं, जहां वे मिलकर समझौता कर सकते हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “अगर वे अब भी समझौता नहीं करते, तो यह उनकी बड़ी गलती होगी।”