UP Kiran,Digital Desk: बांग्लादेश में आगामी प्राइम मिनिस्टर के रूप में तारिक रहमान का शपथ ग्रहण निश्चित है और इस बार बीएनपी को चुनावी जीत में बड़ी सफलता मिली है। मगर इस राजनीतिक बदलाव के बीच एक नई चर्चा भी उठ रही है कि मोहम्मद यूनुस के करीबी सलाहकार विदेश जाने की योजना बना रहे हैं। यह स्थिति लोगों के बीच कई सवाल पैदा कर रही है, खासकर जब यह सोचा जाता है कि मोहम्मद यूनुस की सरकार को भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के बाद सत्ता मिली थी। ऐसे में अब उनके ही सलाहकारों का देश छोड़ने का फैसला क्या दर्शाता है?
नये परिप्रेक्ष्य में सलाहकारों का विदेश जाने का इशारा
ढाका के प्रमुख समाचार पत्र 'द डेली स्टार' ने एक रिपोर्ट में बताया है कि मोहम्मद यूनुस के सलाहकार, फैज अहमद तैयब ने जर्मनी जाने के लिए फ्लाइट बुक की है। इस पर अखबार की हेडलाइन भी आकर्षक रही, जिसमें 'सरप्राइज डिपार्चर' शब्दों का इस्तेमाल किया गया। तैयब, जो यूनुस के अंतरराष्ट्रीय मामलों के सलाहकार थे, अब तक विभिन्न विवादों में यूनुस की मदद कर रहे थे, खासकर इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनल और टेलीकॉम्युनिकेशंस के मामलों में। हालांकि बांग्लादेशी जानकारों के अनुसार यह कोई आश्चर्यजनक कदम नहीं है, क्योंकि पहले से ही कई रिपोर्ट्स में यह संकेत मिल चुके थे कि यूनुस के करीबी अपनी सेफ एग्जिट की तलाश कर रहे थे।
सवालों का दौर: क्यों छोड़ रहे हैं सलाहकार?
इस बीच, एनसीपी के वरिष्ठ नेता नसीरुद्दीन पटवारी ने भी इस मुद्दे को उठाया है और सलाहकारों के देश छोड़ने को लेकर चिंता जताई है। पटवारी ने कहा, "बहुत से सलाहकार अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और सुरक्षित मार्ग की तलाश कर रहे हैं। हमें इन फैसलों की जांच करनी चाहिए।" उन्होंने यह भी अपील की कि इन सलाहकारों को कम से कम अपनी संपत्ति और उनके कार्यकाल के दौरान किए गए योगदान का खुलासा करना चाहिए।




