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uttarakhand news: दून पुलिस ने 35वें सड़क सुरक्षा महीने की शुरुआत सोमवार सवेरे की। इस मौके पर एसएसपी अजय सिंह ने पुलिस लाइन से जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अगले महीने तक पुलिस का उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। आंकड़ों के अनुसार, राज्य में हर दिन औसत चार सड़क दुर्घटनाओं में तीन जान गंवा देते हैं और पांच लोग जख्मी होते हैं।

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि इस साल की सड़क सुरक्षा माह की थीम युवाओं को जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि सड़क हादसों के परिणामस्वरूप हो रही मौतों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, इसमें वर्ष 2024 में देश में 1.80 लाख लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं। इन fatalities में से लगभग 30 हजार दोपहिया वाहन सवार थे, जो हेलमेट न पहनने के कारण मरे।

अध्ययन से पता चला है कि करीबन 90 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं चालकों की लापरवाही के कारण होती हैं, जिसमें रैश ड्राइविंग, तेज गति से चलाना, गलत दिशा में वाहन चलाना, गलत तरीके से ओवरटेक करना, ओवरलोडिंग और शराब पीकर गाड़ी चलाना शामिल हैं।

उत्तराखंड, हालांकि छोटा राज्य है, सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों में देश में 23वें स्थान पर है। राज्य के चार जिलों (देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर, नैनीताल) में लगभग 80 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं होती हैं।

अंत में, पुलिस ने बीते कुछ समय में सीज किए गए 180 संशोधित रेट्रो साइलेंसर को रोड रोलर के माध्यम से नष्ट किया। एसएसपी ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए युवाओं को विशेष रूप से सचेत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

 

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